
सवाल यह नहीं कि आपने क्या त्याग किया,सवाल यह है कि आपके इस त्याग की चर्चा कौन करे?- नीरज कुमार!
:- रवि शंकर अमित! कोई एक दिन के लिए भी त्याग नहीं करता, लेकिन नीतीश कुमार जी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी त्याग कर एक ऐसी मिसाल कायम की है,जो राजनीति के इतिहास में विरले ही देखने को मिलती हैं।सत्ता को ठोकर मारकर सिद्धांतों को सर्वोपरि रखना—यह हर किसी के बस


































