
महात्मा गाँधी के जीवन में कस्तूरबा गाँधी का योगदान अहम व अविस्मरणीय!
रिपोर्ट अनमोल कुमार ब्रह्मपुर। साधारण दिखने वाली कस्तूरबा गांधी असाधारण थी।कस्तुर से बा बनी यदि नहीं होती मोहन महात्मा नहीं बनते। आचार्य धर्मेन्द्र। कस्तूरबा गांधी की पून्य तिथि पर गौरीशंकर महाविद्यालय जीपीएस परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संशोधित करते संत विनोबा भावे द्वारा संस्थापित आचार्य कुल के अध्यक्ष ब्रह्मपुर


































