ये कैसी आजादी, क्या हम आजाद हैं?

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पंकज कुमार ठाकुर की कलम से

ये कैसी आजादी, क्या हम आजाद हैं!

पंकज ठाकुर (कार्यकारी संपादक ) शंखनाद मीडिया की कलम से

16 नंवबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जाता है। इस परिषद के गठन का मकसद था प्रेस की स्वतंत्रता को बनाए रखना। आज हम अपने उद्देश्यों में कितने सफल हुए है सहित कई ऐसे यक्ष प्रश्न है जो हरपल कौंधती रहती है।क्या हम आज आजादी से काम कर पा रहे है ,पत्रकारिता अपने सिद्धान्तों में कितनी सफल हो रही है,हमसे कहाँ गलती हो रही है।जैसे कई ऐसे यक्ष प्रश्न है जो पूछते ही निरुत्तर कर जाती है।अब तो लोग पूछना ही बन्द कर दिए है। आखिर ऐसे में कैसे प्रेस स्वतंत्र रह पाएगा प्रेस की स्वतंत्रता के लिए पूछिए सवाल ताकि हम जबाब के लायक बन सकें और इसकी स्वतंत्रता को अक्षुण रखने के लिए दृढ़ संकल्पित हो सकें। लेकिन अब सवाल यह उठता है कि लगातार मीडिया पर हमला होना क्या वाकई प्रेस आजाद है, और अगर आजाद है तो यह कैसी आजादी

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