हरिमंदिर साहिब गुरुद्वारा में 5 करोड़ के दान का मामला गहराया!

SHARE:

रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-

दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज सोधी की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित
किसी भी धार्मिक कार्य करने पर जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह मस्कीन पर रोक
दानकर्ता को 31 तक आरोप पर सबूत सौंपने को कहा गया

पटना साहिब : सिखों के दूसरे सबसे बड़े तख्त पटना साहिब के श्री हरिमंदिर साहिब गुरुद्वारा में करतारपुर के डा. गुरविंदर सिंह सामरा द्वारा हीरा-मोती और सोने से निर्मित दान की गई सामग्री से जुड़ा विवाद को गंभीरता से लेते हुए प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष अवतार सिंह हित ने 5 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। जिसके अध्यक्ष दिल्ली हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज आरएस सोधी को बनाया गया है। यह कमेटी करीब 5 करोड़ रुपये की दान सामग्री की गुणवत्ता से लेकर अन्य पहलुओं की जांच करेगी। जांच कमेटी में तख्त साहिब के सदस्य चरणजीत सिंह सलूजा को कमेटी का संयोजक बनाया गया है। तख्त श्री केशगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुवीर सिंह, हेड ग्रंथी केशगढ़ साहिब ज्ञानी हरदीप सिंह और अल्पसंख्यक सेल के उपाध्यक्ष अजीत सिंह बिंद्रा को सदस्य बनाया गया है। दरअसल, दानकर्ता ने तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर ए मस्कीन को गड़बड़ी के लिए दोषी ठहराया है। इसके बाद से दान से जुड़ा विवाद तूल पकड़ गया। इसी बीच अध्यक्ष अवतार सिंह हित ने संगत की मांग पर दरबार साहिब में कथा व उपदेश के साथ अन्य धार्मिक कार्य करने के लिए जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर ए मस्कीन पर रोक लगा दी है। अध्यक्ष ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जायेगी। तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के अध्यक्ष अवतार सिंह हित ने दानकर्ता डा. गुरविंदर सिंह सामरा को पत्र लिखकर पटना साहिब के जत्थेदार पर लगाए गए आरोप से जुड़े सबूत 31 अगस्त तक दिल्ली में मिलकर सौंपने के लिए कहा है। साथ ही यह भी निर्देशित किया है कि जब तक दान विवाद से जुड़े मामले में कोई फैसला नहीं हो जाता, तब तक कोई भी मीडिया से इस संबंध में बातचीत न करे।

Join us on:

Leave a Comment

और पढ़ें