साहिबगंज- विधायक लोबिन हेम्ब्रम के बगावती तेवर!

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सचिन केजरीवाल की रिपोर्ट

1932 खतियान आधारित स्थानीय एवं नियोजन नीति मामले में झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम के बगावती तेवर

आदिवासियों मूलवासियों के लिए आवाज उठा रहे विधायक पर लगाएं जा रहे हैं अपनी ही पार्टी से बगावत के आरोप

बोरियो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने कहा नहीं है भाजपा के संपर्क में

साहिबगंज

बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम इन दिनों अपने तेवरों की वजह से चर्चा में बने हुए हैं|उनके पार्टी विरोधी तेवरों की वजह से अब उनकी ही पार्टी उनके खिलाफ करवाई करने की बात कह रही है। दरअसल लोबिन हेंब्रम राज्य के आदिवासी और मूलवासियों के हक की लड़ाई के लिए अपनी ही पार्टी की सरकार से बगावत पर उतर आए हैं|विगत 31 मार्च को भी उन्होंने एक जनसभा में अपने तेवर दिखाते हुए प्रस्तावित हवाई अड्डे का विरोध किया था, जिसके बाद से वो और ज्यादा चर्चा में आ गए हैं| जानकारी के अनुसार विधायक ने आगामी तीन अप्रैल को एक रैली का कार्यक्रम रखा है, जिसकी आधिकारिक मंजूरी पार्टी की तरफ से नही दी गई है, और न ही यह रैली पार्टी की तरफ से आयोजित की गई है, और न ही इस रैली में पार्टी का कोई कार्यकर्ता शामिल होगा। सुनने में आया है कि इन सब बातों के लिए पार्टी उन पर करवाई भी कर सकती है। बताते चलें कि विगत 13 मार्च को दुमका जिले में छात्र समन्वय समिति की तरफ से 1932 खतियान आधारित स्थानीय एवं नियोजन नीति लागू करने की मांग को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री समेत कुल 17 मंत्रीयो एवं विधायकों का पुतला दहन किया गया था, अवसर फर सिर्फ लोबिन हेंब्रम का पुतला नही जलाया गया था|शायद यही वजह है की इन्हे पार्टी के शीर्ष नेता बागी विधायक के रूप में देख रहें हैं। हालांकि लैबिन हेम्ब्रम एवं जामा विधायक सीता सोरेन पर भाजपा के संपर्क में रहने का आरोप भी पार्टी के ही कुछ नेताओं द्वारा लगाया गया है|इसकी शिकायत शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन से भी की गई है, जिसमे बताया गया है इनके द्वारा पार्टी के कई नेताओं को पैसे और पद का लालच दे कर उन्हे भी पार्टी से बगावत करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है,अभी भी कई विधायक भीतरखाने से इनका समर्थन कर रहें हैं,भविष्य में कई और विधायकों का समर्थन भी इनको मिल सकता है। इनके साथ एक और विधायक सीता सोरेन का नाम भी शामिल है और इन दोनों पर ही गंभीर आरोप पार्टी के ही अन्य विधायकों ने लगाए हैं। मामले में बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम का कहना है कि हमारी सरकार जिस मुद्दे को ले कर सत्ता में आई थी, अब उन्हीं मुद्दों को भूल रही है| मैं पार्टी, सरकार या अपने संगठन के विरुद्ध कुछ भी नही कर रहा हूं, मैंने तो सिर्फ यहां के आदिवासियों मूलवासियों की आवाज को उठाया है| मैं स्थानीय नीति को लागू करने के पक्ष में हूं| जिसकी बात वर्तमान सरकार के चुनावी घोषणा पत्र में प्रमुखता से की गई थी। उन्होंने इस बात का भी खंडन किया है कि वो भाजपा के संपर्क में हैं, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि ऐसा कुछ नही है, उनकी निष्ठा अपने संगठन के प्रति पहले की तरह ही है। मगर जब हम अपनी सरकार में आवाज नहीं उठाएंगे तो कब बोलेंगे। बता दें कि इन सब बातों का मतलब राजनीतिक गलियारों से जुड़े लोग अपने अपने हिसाब से निकाल रहें हैं, वहीं इन सब बातों की वजह से आज झामुमो भीतरखाने दो हिस्सों में बांटती दिख रही है|भले ही इसे सार्वजनिक नही किया जा रहा है परन्तु इस बात का प्रमाण वो मीटिंग है जो पिछले दिनों उधवा प्रखंड कार्यालय में हुई थी, जिसमे इस बात का जिक्र किया गया था कि तीन अप्रैल को होने वाली रैली में अगर पार्टी से जुड़ा कोई भी सदस्य शामिल होता है, या रैली का प्रचार प्रसार करता है तो उन पर पार्टी द्वारा करवाई की जाएगी, जबकि सबको पता है की इस रैली का आयोजन बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम द्वारा ही किया गया है। हालांकि कल होने वाली इस रैली को प्रशासन की इजाजत नहीं मिलने की वजह से इसे स्थागित कर दिया गया है, मगर इससे पहले ही पार्टी ने इसका विरोध कर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है।

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