सुपौल-रजिस्ट्री आफिस समेत रजिस्ट्रार अमरेन्द्र कुमार के चार ठिकानो पर EOU का छापा, रजिस्ट्रार से पुछताछ जारी!

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रिपोर्ट:- संतोष चौहान, सुपौल

सुपौल :- सत्ता बदली,शासन बदला, कुर्सी बदली, निजाम बदला और बिहार में सुशासन देखने को मिला। बिहार में सत्ता- शासन बदलते ही सम्राट सरकार अपराध और भ्रष्टाचार पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आर्थिक अपराध इकाई (ई०ओ०यू०) ने सुपौल के जिला अवर निबंधक अमरेन्द्र कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमरेन्द्र कुमार के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है।

अमरेंद्र कुमार, अवर निबंधक

आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-06/26, दिनांक 05 मई 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में जांच एजेंसी को प्रारंभिक जांच के दौरान यह स्पष्ट संकेत मिले हैं कि जिला अवर निबंधक पदाधिकारी, सुपौल अमरेन्द्र कुमार ने अपनी आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।

ज्ञात हो कि जिला अवर निबंधक पदाधिकारी,अमरेन्द्र कुमार ने कुल 1 करोड़ 10 लाख 64 हजार रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 65.08 प्रतिशत अधिक है। इस खुलासे के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त किया।

विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट मिलने के पश्चात 6 मई 2026 बुधवार की अहले सुबह से ही ई०ओ०यू० द्वारा पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों द्वारा जिला निबन्धन कार्यालय, सुपौल समेत एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई। जिन स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, उनमें – जिला निबन्धन कार्यालय, सुपौल, डिग्री कालेज चौक के निकट किराये का आवास, पटना के आशियाना-दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट का फ्लैट, सारण जिले (छपरा) में स्थित पैतृक आवास शामिल है।

सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े कागजात, संपत्ति के कागजात और अन्य संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जांच टीम द्वारा हर पहलू को ध्यान में रखते हुए बारीकी से छानबीन कर रही है ताकि अवैध संपत्ति के पूरे मामले एवं नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

आर्थिक अपराध इकाई के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और तलाशी अभियान के पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। फिलहाल, सभी टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन करते हुए जांच को आगे बढ़ाएं।

इस कार्रवाई के बाद खासकर सुपौल जिले में प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को भी दर्शाती है।

बिहार में लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से यह साफ संकेत मिल रहा है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी है कि तलाशी अभियान के बाद जांच एजेंसी क्या-क्या खुलासे करती है और आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।

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