1000 दिवसीय समर अभियान का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

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सचिन केजरीवाल की रिपोर्ट

पोषण दल कुपोषण दूर करने के साथ कुपोषण से ठीक हुए बच्चों का लेंगा फॉलोअप

साहिबगंज

आज समाहरणालय स्थित सभागार में कुपोषण निवारण को लेकर 1000 दिवसीय समर अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी चिकित्सा प्रसार पदाधिकारी सीडीपीओ एवं लेडी सुपरवाइजर के साथ दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान समर पोषण दल के कार्य एवं लक्षित वर्ग तक पहुंच के विषय में चर्चा किया गया। बताया गया कि पोषण दल में मुख्य रूप से सहिया, सेविका तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं होंगी जो समर पोषण ऐप में डाटा एंट्री भी करेंगे जिससे लक्षित वर्ग के बच्चों की स्थिति का पता लगाया जा सकेगा साथ ही कुपोषण दूर करने में भी सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सभी से ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण देते हुए उक्त बातों का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें कुपोषण के लक्षण, लक्षित वर्ग को कुपोषण निवारण के उपाय पर काम करने हेतु प्रशिक्षण देने के लिए कहा गया। प्रशिक्षण के दौरान समर पोषण दल के कार्य जिनमें मुख्य रुप से पोषण दल द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र के सभी पोषक क्षेत्रों में घर घर जाकर कुपोषण एवं एनीमिया के लक्षण वाले बच्चों किशोरी युवतियों का लक्षण के आधार पर सर्वेक्षण करना। सखी मंडल समूह की सदस्यों द्वारा कुपोषण एवं एनीमिया के लक्षण वाले लोगों का डाटा समर ऐप में इंटर करना 6 वर्ष तक की आयु के बच्चे चीन में कुपोषण के लक्षण या अनिमिया के लक्षण नहीं दिख रहे हैं उन्हें भी कार्यक्रम से जोड़ना। कुपोषण के लक्षण वाले बच्चे एनीमिया से ग्रसित किशोरी युवतियों धात्री महिलाओं आदि को ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर वी0एच0एस0एन0डी0 के दिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाना से जुड़े विषयों पर उपस्थित सभी को अवगत कराया गया एवं ब्लॉक स्तर पर भी इसकी जानकारी पोषक दल को देने के लिए कहा गया। प्रशिक्षण में कुपोषण की विभिन्न श्रेणियों के विषय में भी बताया गया। इसके अलावा कुपोषण एवं अन्य मियां की पुष्टि के पश्चात लक्षण के आधार पर उनका उपचार करना, समर ऐप में आंकड़ों का संधारण, वैसे बच्चे किशोरी धात्री महिलाओं एवं युवतियों के घरों में पोषण से संबंधित जरूरी बातें बताना एवं उन्हें जागरूक करना आदि के विषय में भी बताया गया। स्पीच आंगनबाड़ी केंद्रों पर कुपोषित बच्चे एवं एनीमिया के लक्षण वाली महिलाओं किशोरी युवतियों का फॉलोअप लेना।
एसटीएफ द्वारा कुपोषण से ठीक हुए बच्चों का अगले 04 महीने तक उनके ग्रह का भ्रमण कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी देना अगर वैसे बच्चे जो दुबारा कुपोषित हो जाते हैं उन्हें फिर से कार्यक्रम में जोड़ते हुए उनका उपचार करना। एवं कुपोषित बच्चों एवं अनीमिया से ग्रसित किशोरियों धातृ महिलाओं तथा युवतियों के परिवारों को सरकार की महत्वकांक्षी योजना से जोड़ना आदि पर भी प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरन बताया गया कि 1000 दिवसीय समर अभियान में कुपोषण एवं एनिमिया के लक्षण वाले जन्म से 9 वर्ष तक के बच्चों, 10 से 19 वर्ष तक की सभी किशोरियों, 19 से 24 वर्ष तक की सभी युवतियों, सभी धात्री एवं सभी गर्भवती महिलाओं की पहचान करेंगे एवं एनिमिया के लक्षण वाले व्यक्ति की सूचना समर एप्प में अंकित करेंगे।कुपोषण तथा एनिमिया के उन्मूलन हेतु रणनीतिक कार्रवाई पर समर पोषण दल को महत्वपूर्ण जानकारी एवं प्रशिक्षण के क्रम में 1000 दिवसीय समर अभियान की रूप-रेखा की जानकारी दी गयी। 1000 दिवसीय समर अभियान अन्तर्गत पोषण दल की सदस्य आंगनबाड़ी सेविका, सहिया, शिक्षक, जेएसएलपीएस, पीडीएस डीलर रहेंगे। वे कुपोषण एवं अनीमिया के लक्षण वाले जन्म से 9 वर्ष तक के बच्चों, 10 से 19 वर्ष तक की सभी किशोरियों, 19 से 24 वर्ष तक की सभी युवतियों, सभी धात्री एवं सभी गर्भवती महिलाओं की पहचान करेंगे एवं अनीमिया के लक्षण वाले व्यक्ति की सूचना समर एप्प में अंकित करेंगे। पोषण दल आंगनबाड़ी केन्द्र के पोषक क्षेत्र के सभी घरों में जाकर कुपोषण एवं अनीमिया के लक्षण वाले बच्चों, किशोरियों, युवतियों, धात्री एवं गर्भवती महिलाओं का सर्वेक्षण करेगी। यह सुनिश्चित किया जायेगा कि इनमें कोई भी घर न छूटे। साथ ही साथ कुपोषण एवं अनीमिया के लक्षणों के बारे में परिवार को अवगत करायेंगे। प्रथम सर्वेक्षण का कार्य 30 दिनों में पूर्ण करेंगे तथा आगामी प्रत्येक सर्वेक्षण 3-3 महीने में 8 से 10 दिनों के अंदर पूर्ण किया जायेगा। बैठक में जिला समाजकल्याण पदाधिकारी सुमन गुप्ता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी एमओआईसी, जेएसएलपीएस के डीपीएम संतोष कुमार, राज्य पोषण मिशन के अजय कुमार वर्मा, रिम्स ट्यूटर डॉ संतोष, यूनिसेफ के रीजनल कोऑर्डिनेटर, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका एवं अन्य उपस्थित थे।

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