रिपोर्ट – पियूष कुमार!
कैमूर में नकली खाद का मामला, आखिर दोषी कौन?
कैमूर से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिले में अब तक नकली खाद्य सामग्री से जुड़े कई मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन अब खेतों में इस्तेमाल होने वाली डुप्लीकेट खाद को लेकर भी बड़ा मामला सामने आया है।
भभुआ-कुदरा मुख्य पथ पर सोनहन थाना क्षेत्र के कुकराड़ गांव के समीप एक गोदाम में प्रशासन ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में संदिग्ध DAP खाद और खाद तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल बरामद किए। जांच के बाद भभुआ SDO ओर क़ृषि पदाधिकारी की मौजूदगी में गोदाम को सील कर दिया गया।
अब सबसे बड़ा सवाल है—आखिर यह कारोबार इतने दिनों से कैसे चलता रहा?
क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी? अगर जानकारी नहीं थी तो निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। और अगर जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
आखिर दोषी कौन है और किनके संरक्षण या शह पर कथित तौर पर यह कारोबार चलता रहा?
हालांकि पूरे मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बरामद खाद वास्तव में नकली थी या नहीं और इसके पीछे कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं। लेकिन किसानों के हित से जुड़े इस मामले ने कृषि विभाग की निगरानी व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।
यहाँ बता दे की कुकूराड मे डुप्लीकेट खाद बनाए जाने की चर्चा ज़ोरो पर थी




