राष्ट्रीय मुशायरा एवं कवि सम्मेलन : वाईबीएन विश्वविद्यालय में अदबी फिज़ा के बीच भव्य आयोजन संपन्न!

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रिपोर्ट – डॉ अनमोल कुमार

रांची। वाईबीएन विश्वविद्यालय, नामकुम, रांची के हिंदी विभाग एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय मुशायरा एवं कवि सम्मेलन आज साहित्यिक गरिमा, सांस्कृतिक ऊष्मा एवं बौद्धिक ऊर्जा के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा एवं संस्कृति जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित विद्वानों, कवियों, शायरों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।
कार्यक्रम के स्वागत अध्यक्ष विश्वविद्यालय के अध्यक्ष श्री राम जी यादव रहे, जबकि अध्यक्षता रांची विश्वविद्यालय के उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. मो. रिजवान अली ने की। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व निदेशक, अनुसंधान, बीएयू रांची डॉ. ए. बद्दू उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व डॉ. के. एम. कॉलेज के प्राचार्य जनाब हसीब अख्तर साहब एवं रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जंगबहादुर पाण्डेय ने कार्यक्रम की गरिमा को नई ऊंचाई प्रदान की। मंच संचालन प्रसिद्ध साहित्यकार जनाब निहाल हुसैन सरयावी साहब ने अत्यंत प्रभावशाली एवं आकर्षक शैली में किया।
मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में प्रस्तुत ग़ज़लों, नज़्मों एवं कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, मानवता, प्रेम, भाईचारे एवं सांस्कृतिक सौहार्द का संदेश दिया। कार्यक्रम में रांची विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग, गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग College, रांची तथा वाईबीएन विश्वविद्यालय, रांची के हिंदी एवं बी.एड. विभाग के विद्यार्थी, शोधार्थी एवं साहित्यप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर झारखंड साहित्य संगम के प्रदेश महासचिव सह गवर्नमेंट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, रांची के सहायक प्राध्यापक डॉ. ओम प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि —
“मुशायरा एवं कवि सम्मेलन केवल मनोरंजन या साहित्यिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि समाज और जमाने को बदलने की ताकत रखते हैं। कलम और शब्द की शक्ति इंसानियत, सामाजिक चेतना, भाईचारे और सांस्कृतिक जागरूकता को नई दिशा प्रदान करती है। साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, बल्कि परिवर्तन का सबसे प्रभावशाली माध्यम भी है।”
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि बहुत जल्द वाईबीएन विश्वविद्यालय में उर्दू विभाग की स्थापना की जाएगी, जिससे उर्दू भाषा, साहित्य एवं शोध को नई दिशा और व्यापक मंच प्राप्त होगा। इस घोषणा का उपस्थित साहित्यकारों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने जोरदार स्वागत किया।
डॉ. ओम प्रकाश ने युवाओं से साहित्य, भाषा एवं संस्कृति से जुड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में नसीर अफसर, डॉ. अमीन रहबर, कफीलुर्रहमान एवं डॉ. ओम प्रकाश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं श्रोताओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।

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