रिपोर्ट – धर्मेंद्र कुमार!
बिहार के पूर्वी चम्पारण मोतिहारी सीमावर्ती शहर रक्सौल में देश का ऐसा एयरपोर्ट का नवनिर्माण किया जा रहा है जिसका रनवे नदी के ऊपर बनेगा। इस एयरपोर्ट के नव निर्माण के लिए टेंडर निकाला है। आज पश्चमी चम्पारण के सांसद डॉ सजंय जयसवाल एवं रक्सौल विद्यायक प्रमोद कुमार सिन्हा ने हवाई अड्डा के वर्तमान स्थित का निरीक्षण किया। सासंद डॉ सजंय जयसवाल ने उस नदी के आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया जहां पर रनवे का निर्माण किया जाना हैं। साथ ही वर्तमान में रनवे की स्थित, जर्जर भवन एवं एयरपोर्ट के लिए उपलब्ध जमीन के बारे में रक्सौल प्रशासन से जानकारी लिया। सांसद डॉ संजय जयसवाल ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया की जमीन अधिग्रहण के 70 % पूरा हो गया है। टेंडर निकाला गया है। अगले दो साल में रक्सौल एयपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा करना है। सबसे खुशी की बात है रक्सौल एयरपोर्ट का रनवे पटना के रनवे से भी बड़ा है। एयरपोर्ट निर्माण कार्य पूरा होने के बाद यहाँ बोइंग विमान आसानी से लैंड कर सकते है।
बता दे बिहार सरकार के द्वारा तीन दिन पूर्व रक्सौल में दशकों से बन्द पड़े एयरपोर्ट के नवनिर्माण को लेकर टेंडर जारी कर दिया है। इस बात की आधिकारिक घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शोसल मीडिया पर पोस्ट करके किया है।
इसके तहत एयरपोर्ट के रनवे, एप्रन, टैक्सीवे सहित संपूर्ण एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी सेवाओं का टेंडर जारी किया गया है।
करीब 1200 करोड़ की लागत से रनवे को 2360 मीटर तक बढ़ाने की योजना है। इससे इस रनवे पर एटीआर प्लेन के साथ साथ फाइटर जेट भी आसानी से लैंड कर सकते है। रक्सौल को देश और दुनिया से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगा. सामरिक दृष्टि से रक्सौल बॉर्डर सुरक्षित एवं मजबूत होगा।
रक्सौल एक सीमावर्ती शहर है, नेपाल की सीमा से सटा हुआ है। ऐसे में यहां एयरपोर्ट का विकास रणनीतिक, आर्थिक एवं सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बाइट :—– डॉ सजंय जयसवाल – स्थानीय सांसद



