आयुर्विद्या से निरोगी जीवन की ओर कदमपंडौल व शहर क्षेत्र में आयुष जागरूकता कार्यक्रम!

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रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!

आयुर्विद्या से निरोगी जीवन की ओर कदम
पंडौल व शहर क्षेत्र में आयुष जागरूकता के सफल कार्यक्रम, सैकड़ों छात्र-छात्राएं हुए लाभान्वित

मधुबनी जिला आयुष समिति द्वारा आज पंडौल स्थित विवेकानंद मिशन विद्यापीठ विद्यालय प्रांगण में बिहार राज्य आयुष समिति के दिशा-निर्देशों के आलोक में आयुर्विद्या कार्यक्रम का दूसरा चरण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला देशी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर प्रेमलता, विद्यालय के प्राचार्य अभिषेक कुमार एवं प्रबंध निदेशक साहिल पूर्वे द्वारा औषधीय पौधों के वितरण के साथ किया गया।
कार्यक्रम में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही। दर्जनों शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक चिकित्सकों के सहयोग से यह आयुष जागरूकता शिविर बड़ी सफलता के साथ संपन्न हुआ। शिविर के दौरान स्वास्थ्य जांच कर निशुल्क औषधियों का वितरण भी किया गया।
स्वास्थ्य शिक्षा, योग और प्राकृतिक जीवनशैली पर विशेष फोकस देते हुए अपने संबोधन मे डॉक्टर प्रेमलता ने प्राकृतिक आहार-विहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या एवं योग के महत्व पर छात्रोपयोगी स्वास्थ्य ज्ञान साझा किया। उन्होंने कहा कि इलाज से बेहतर परहेज को अपनाकर हम बीमारियों से बच सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर सस्ती, निरापद एवं वैज्ञानिक आयुष औषधियों के माध्यम से पुनः निरोगी जीवन पाया जा सकता है।
चिकित्सकों ने स्थानीय औषधीय पौधों, मौसमी फल-सब्जियों, सात्विक आहार एवं सदाचार की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और आयुर्विद्या—आयु बढ़ाने की विद्या के मंत्र को साझा किया। कार्यक्रम मे विशेषज्ञों व सहयोगियों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम में डॉक्टर ओंकारनाथ झा बटोहिया, डॉक्टर दीपक कुमार दैंता, डॉक्टर मनोज कुमार बथने, डॉक्टर जय ओम उच्चैठ, डॉक्टर कमर संकोर्थ, डॉक्टर हक सीमा, डॉक्टर कौशलेश बिठुवार, डॉक्टर मनीष तिवारी (देवहार) सहित डीआईएमओ कार्यालय के हेमंत झा, कार्यालयकर्मी पप्पू पासवान तथा अन्य कर्मियों का उल्लेखनीय सहयोग रहा।
इसके अतिरिक्त मिथिला प्राकृतिक चिकित्सा योग शोध संस्थान के सचिव डॉक्टर उमेश कुमार उषाकर, नेचुरोपैथी योग होम्योपैथी हॉस्पिटल के डॉ मोहम्मद रमीज, मनीषा, ईना एवं योग प्रशिक्षक डॉली कुमारी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तीसरा आयुर्विद्या कार्यक्रम: अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंच
इसी क्रम में तीसरा आयुर्विद्या कार्यक्रम शहर के राम चौक स्थित मदरसा क़ बरक़ातुलउल्लूम में आयोजित किया गया, जहां अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों एवं अभिभावकों को यूनानी, आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सा की उपयोगिता व बढ़ते महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही।
श्रीमती रूबी खातून, अभेष झा, मनोज कुमार महतो सहित अन्य वक्ताओं ने विचार साझा करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में योग, प्राणायाम और आयुष पद्धतियां विद्यार्थियों को मानसिक, शारीरिक व भावनात्मक रूप से सशक्त बनाती हैं।
आयोजन की सराहना
विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार एवं जिला आयुष समिति द्वारा संचालित ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता और प्रासंगिकता निरंतर बढ़ रही है।

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