प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर माह होगा “पंचायत विकास दिवस” का आयोजन, डीएम ने दिए सफल संचालन के निर्देश!

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रिपोर्ट – संतोष तिवारी


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मुजफ्फरपुर

ग्रामीण विकास को नई गति देने तथा ग्राम पंचायतों को सतत विकास लक्ष्यों से जोड़ने के उद्देश्य से अब जिले की सभी ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को “पंचायत विकास दिवस” का आयोजन किया जायेगा। बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में जिला पदाधिकारी ने सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पंचायत स्तरीय पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को कार्यक्रम की तैयारी, सहभागिता एवं सफल संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
पंचायत विकास दिवस का आयोजन प्रत्येक ग्राम पंचायत में पूर्वाह्न 10 बजे से 12 बजे तक किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता संबंधित ग्राम पंचायत के मुखिया करेंगे, जबकि पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि, ग्राम सभा के सदस्य, पंचायत सचिव, विकास मित्र, जीविका समूह, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, आशा कार्यकर्ता तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी इसमें भाग लेंगे।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ के सपने को साकार करने में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारतीय संविधान के 73वें संशोधन के तहत पंचायतों को संवैधानिक अधिकार और दायित्व प्रदान किए गए हैं। ग्राम पंचायत ग्रामीण क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए पंचायत विकास दिवस की शुरुआत की जा रही है ताकि पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं की समीक्षा, जनभागीदारी और पारदर्शिता को बढ़ावा मिल सके।
पंचायत विकास दिवस में ग्राम पंचायत के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। पंचायत द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा आम नागरिकों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण मिलकर विकास संबंधी प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श करेंगे तथा समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव देंगे।
बैठक में सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत निर्धारित नौ प्रमुख विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी। इनमें गरीबी उन्मूलन, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल संरक्षण, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर आधारभूत संरचना, सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत, सुशासन तथा महिला हितैषी पंचायत जैसे विषय शामिल हैं। इन विषयों पर पंचायत स्तर पर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की जाएगी और भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
सरकारी निर्देश के अनुसार पंचायत विकास दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायतों में जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। पंचायत द्वारा संचालित योजनाओं, ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), ग्राम स्वराज पोर्टल, पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी। पंचायत स्तर पर बेहतर कार्य करने वाली योजनाओं और नवाचारों को भी साझा किया जाएगा ताकि अन्य पंचायतें उनसे प्रेरणा ले सकें।
कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि पंचायत विकास दिवस केवल एक औपचारिक बैठक न होकर ग्रामीण विकास का एक प्रभावी जनमंच बने, जहां आम नागरिक अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सीधे पंचायत प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के समक्ष रख सकें।
दिशा-निर्देश के अनुसार पंचायत विकास दिवस के आयोजन से पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। पंचायत भवन, विद्यालय, सार्वजनिक स्थलों तथा अन्य प्रमुख स्थानों पर सूचना चस्पा की जाएगी। बैठक की सूचना कम-से-कम सात दिन पूर्व ग्राम पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध कराई जाएगी ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण इसमें शामिल हो सकें।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, पंचायत सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम के आयोजन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने कहा कि पंचायत विकास दिवस ग्रामीण विकास को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से पंचायतों में जवाबदेही बढ़ेगी, योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी तथा ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित होगी।
डीएम ने सभी मुखिया, पंचायत समिति सदस्यों, वार्ड सदस्यों, ग्राम सभा के सदस्यों तथा आम नागरिकों से पंचायत विकास दिवस में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के समग्र विकास और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। पंचायत विकास दिवस के माध्यम से गांवों के विकास की नई रूपरेखा तैयार होगी और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में पंचायतें और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी।

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