रिपोर्ट – संतोष तिवारी!
बिहार में आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा की दोनों पालियों के समाप्त होने के बाद रविवार को दोपहर से शाम तक स्टेशन पर परीक्षार्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा। इस भारी भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया, लेकिन इसके बावजूद लंबी दूरी और लोकल ट्रेनों में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ रही। कई ट्रेनों में परीक्षार्थियों ने सीटों पर कब्जा जमा लिया, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस दौरान पाटलिपुत्र से गोरखपुर जाने वाली वंदे भारत ट्रेन में भी परीक्षार्थियों ने चढ़ने का प्रयास किया। हालांकि, रेल पुलिस और वंदे भारत के कर्मचारियों की तत्परता से उन्हें रोका गया और ट्रेन का समय पर परिचालन सुनिश्चित किया जा सका। अन्य ट्रेनों में चढ़ने और उतरने के लिए भी भारी भीड़ उमड़ी रही।
बताया जाता है कि शहर में कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी, जिसमें 13 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा समाप्त होने के बाद अधिकांश अभ्यर्थी अपने घरों को लौटने के लिए स्टेशन पहुंचे, जिससे स्टेशन पर अचानक भीड़ बढ़ गई।
रेल पुलिस की लगातार अपील और सुरक्षा व्यवस्था
रेल पुलिस द्वारा परीक्षा देकर लौट रहे अभ्यर्थियों से लगातार अपील की जा रही थी। आरपीएफ और जीआरपी के सैकड़ों जवान सभी प्लेटफॉर्म पर अलर्ट मोड में तैनात रहे। इस दौरान लगातार माइकिंग कर अभ्यर्थियों से रेलवे द्वारा संचालित स्पेशल ट्रेनों का उपयोग करने की अपील की गई। बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी भी छात्र-छात्राओं को ट्रेनों में सुरक्षित चढ़ाने के लिए मुस्तैद रहे।
इन ट्रेनों में रही सबसे अधिक भीड़
सिपाही भर्ती परीक्षा देकर लौटे अभ्यर्थियों की भारी भीड़ अवध-असम एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-दरभंगा क्लोन एक्सप्रेस, नई दिल्ली-बरौनी क्लोन एक्सप्रेस, मिथिला एक्सप्रेस, गोरखपुर-कोलकाता एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों में देखी गई। इसके अलावा विभिन्न रूटों पर चलने वाली लोकल ट्रेनों में भी भारी भीड़ रही। जयनगर-लोकमान्य तिलक टर्मिनस पवन एक्सप्रेस में भी परीक्षार्थियों की काफी भीड़ देखने को मिली।
रेल पुलिस और जिला प्रशासन रहे अलर्ट
दूसरे जिलों से परीक्षा देने आए हजारों अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा चार स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया गया। इसके साथ ही जिला पुलिस, आरपीएफ और जीआरपी के जवानों को अलर्ट मोड में रखा गया था। स्टेशन के प्रवेश द्वार से लेकर प्लेटफॉर्म तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही।
रेल पुलिस के जवान ट्रेनों के आने और प्रस्थान करने तक प्लेटफॉर्म के दोनों ओर तैनात रहे। हालांकि, स्टेशन पर उमड़ी भारी भीड़ के कारण कई परीक्षार्थियों ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी की और प्लेटफॉर्म के एक छोर से दूसरे छोर तक तथा रेलवे ट्रैक के आसपास भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इससे रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परीक्षाओं के बाद भीड़ प्रबंधन के लिए बेहतर योजना बनाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।



