रिपोर्ट– राजीव कुमार झा!
मधुबनी जिले के ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लाक जिला कमेटी मधुबनी के द्वारा कामरेड मोहम्मद अकबर के अध्यक्षता में पुराने एल आई सी ऑफिस के प्रांगण में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जयंती समारोह आयोजित किया गया। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए राज्य कमेटी सदस्य कामरेड प्रेम कुमार झा ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में आज ही के दिन उड़ीसा के कटक में हुआ, उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा में उस समय तत्कालीन कोलकाता प्रांत में सर्वोच्च स्थान पाने वाले और इंग्लैंड में प्रतिष्ठित आईसीएस परीक्षा में चौथे स्थान पर रहने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस बेहद ही प्रतिभाशाली थे। वर्ष 1928 में कोलकाता में आयोजित कांग्रेस के सत्र में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने डोमिनियन स्टेज पर बनी सहमति पर सवाल उठाते हुए देश की आजादी की मांग की तथा ब्रिटिश डोमिनियन स्टेट से संबंध तोड़ने के लिए कहा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का कहना था कि ब्रिटिशों की यह व्यवस्था साम्राज्यवाद है। जिसमें एक नस्ल के दूसरी नस्ल से श्रेष्ठ समझा जाता है। मार्च 1939 में नेताजी सुभाष चंद्र जब कांग्रेस के अध्यक्ष बने तब उन्होंने महात्मा गांधी को लिखी एक चिट्ठी में कहा कि पूर्ण स्वराज मांगने के लिए ब्रिटिश प्रशासन पर दबाव बनाने का समय आ गया है। बाद में नेताजी ने कांग्रेस छोड़ी और फॉरवर्ड ब्लॉक पार्टी बनाया। लेकिन राजनीति के लिए वह नहीं बने थे इसलिए ब्रिटिश साम्राज्यवाद से बड़ी लड़ाई लड़ने के लिए देश से बाहर निकले। वर्ष 1945 में सिंगापुर में उन्होंने आजाद हिंद सैना का गठन किया। जो देश के आजादी को लेकर अंग्रेजो से जम कर लरई लरा। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए जिला महासचिव कामरेड बेचन राम ने कहा की कास अगर पहले प्रधानमंत्री नेताजी सुभाष चंद्र बोस होते तो देश भ्रष्टाचार मुक्त होता। लेकिन ये हो नही सका। आज देश में नेताजी सुभाष चंद्र बोस का समाजवाद की अत्यंत ही आवश्यकता है। इसी रास्ते से देश को भ्रष्टाचार मुक्त जातिवाद मुक्त पूंजीवाद मुक्ति धर्म बाद से मुक्ति मिलेगी क्योंकि देश धर्म के नाम पर जाति के नाम पर पूंजीवाद के नाम पर देश चल रहा है जयंती समारोह को संबोधित किया। जिला कोषाध्यक्ष पंचु पासवान, जिला उपाध्यक्ष सोनधारी राम, शीला देवी, अखिलेश झा, जिला सचिव गुड्डू मंडल, विशेश्वर पासवान , कुमा सदाय सहित दर्जनों लोगों ने भाग लिया।




