मेरा राजनीति में आने का मकसद बिहार और बिहारी हैं,जरूरत पड़ी तो केंद्र छोड़ दूंगा- तारी से बैन हटना चाहिए-चिराग!

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रिपोर्ट- अमित कुमार!

: पटना | चिराग पासवान का बड़ा बयान | ताड़ी पर समर्थन, बिहार की राजनीति पर संकेत
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान लोजपा (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने कई अहम मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। चिराग पासवान ने साफ कर दिया कि वे बिहार सरकार का हिस्सा नहीं हैं। साथ ही ताड़ी को शराबबंदी कानून से बाहर करने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए बिहार की राजनीति में भविष्य की बड़ी भूमिका के संकेत भी दिए।
मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि वे बिहार सरकार में शामिल नहीं हैं। शराबबंदी कानून के दायरे से ताड़ी को बाहर करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ताड़ी एक प्राकृतिक पदार्थ है और इसे शराब की श्रेणी में रखना सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से ताड़ी को शराबबंदी से बाहर करने का समर्थन किया।
“मैं बिहार सरकार का हिस्सा नहीं हूं। ताड़ी को शराबबंदी से बाहर करना चाहिए।”

बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि वे बिहार और बिहारी जनता की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं, और जरूरत पड़ी तो केंद्र की राजनीति छोड़कर पूरी तरह से बिहार में सक्रिय हो सकते हैं।
“मेरा राजनीति में आने का मकसद बिहार और बिहारी हैं। जरूरत पड़ी तो केंद्र छोड़ दूंगा।”

देश में हाल ही में हुए आतंकी हमलों को लेकर विपक्ष के रवैये पर चिराग पासवान ने नाराजगी जताई। उन्होंने विपक्ष से एकजुटता की अपील करते हुए कहा कि इस समय राजनीति से ऊपर उठकर देशहित में सोचने की जरूरत है।
“आज देश को एकजुट रहने की जरूरत है। विपक्ष को भी जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए।”

चिराग पासवान ने पहलगाम हमले पर विपक्ष द्वारा विशेष सत्र बुलाने की मांग का समर्थन करते हुए आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत भी की।

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