संतोष तिवारी की रिपोर्ट :-
आज दिनाँक 6th अगस्त को विश्व स्तनपान दिवस पर उत्तर बिहार का सबसे बड़ा मातृ सदन मुजफ्फरपुर केजरीवाल मैटरनिटी अस्पताल में कार्यरत स्त्री रोग विशेषज्ञ शिशु रोग विशेषज्ञ नर्स और अस्पताल में उपस्थित माताओं के बीच निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से मुझे चर्चा करने का मौका मिला ,क्यों हमारे देश मे जन्म के 28 दिन के अंदर 6 लाख से ज्यादा प्रति वर्ष बच्चों की मृत्यु हो जाती है? जिसका प्रमुख कारण है नवजात शिशुओं को माँ का दूध नहीं मिल पाना, एक रिपोर्ट के अनुसार अगर हर माँ अपने बच्चे को जन्म के पश्चात केवल अपना दूध दे तो 60% मृत्यु दर में कमी लायी जा सकती है आखिर किन कारणों से 50 फ़ीसदी से ज्यादा बच्चों को केवल माँ का दूध नहीं मिल पाता ?
क्यों जन्म के बाद स्तनपान करने की प्रक्रिया मे विलंब होता है ? क्यों नवजात बच्चों को (prelacteal feeding) जन्म गुठी देने का रिवाज अभी भी है? क्यों नहीं ये सारी बातें चिकित्सक/ ANM/AGANWADI WORKERS गर्भावस्था मे महिला और पूरे परिवार को दृढ़ता से पालन करने को करते हैं ? क्यों नवजात बच्चों को डिब्बा का दूध पिलाना को का फैशन हो गया है ?
सभी नवजात शिशुओं को माँ का दूध नहीं मिलना एक मानवता के विरुद्ध एक अपराध है और इस असफलता के लिए हम सब की सामुहिक जिम्मेदारी है




