रिपोर्टर राजीव रंजन मधेपुरा।
मधेपुरा में नाबालिग छात्रा के अपहरण और उसके साथ छेड़खानी के मामले में अदालत ने एक अभियुक्त को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
शुक्रवार को एडीजे-6 सह विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अमित कुमार पांडेय की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर यह फैसला सुनाया। दोषी एक निजी विद्यालय का पूर्व प्रधानाध्यापक मो. सद्दाम उर्फ मो. आकिब है। मामला भर्राही थाना क्षेत्र का है।
घटना 18 जुलाई 2024 की है। आरोप है कि निजी विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक मो. सद्दाम उर्फ मो. आकिब ने एक नाबालिग छात्रा का अपहरण कर उसके साथ छेड़खानी की थी। घटना के बाद छात्रा के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इससे परेशान परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
छात्रा के पिता के आवेदन पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और त्वरित छापेमारी के जरिए नाबालिग छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया। इसके साथ ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी जेल में बंद था।
पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) विजय कुमार मेहता ने बताया कि अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अभियुक्त को दोषी करार दिया। इसके बाद पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत उसे 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई।




