रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!
नौ महीने से रोजगार का इंतजार, पांच सौ मजदूरों को ना काम और ना ही बेरोजगारी भत्ता, सरकार के दाबे का खुला पौल
मधुबनी जिले के लखनौर प्रखंड कार्यालय में रोजगार के मांग करते हुए साहब का पांव पकड़ कर गिरगिराते नौजवान मजदूर का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो ने जहां सरकार के दावे का पौल खोल रहा है, वही मजदूरो को रोजगार या भत्ता देने सहित मजदूरो को अन्य लाभ प्रदान करने की सरकार के दावे की बखिया उधेर कर रख दिया है। मामले को लेकर बताया जा रहा है कि मजदूरो द्वारा कार्यालय मे आवेदन जमा किए करीब नौ महीने बीत जाने के बावजूद भी लगभग 500 मजदूरों को ना तो कार्य मिल पाया है, ना ही नियमानुसार बेरोजगारी भत्ता ही। मजदूरों का आरोप है कि वे लगातार प्रखंड विकास पदाधिकारी (बी डी ओ) राजेश राम के साथ ही कार्यक्रम पदाधिकारी (पी ओ) से कार्य उपलब्ध कराने को लेकर गुहार लगा रहे हैं। लेकिन गरीब मजदूरो की समस्या का समाधान आज तक नहीं हो पाया है। वायरल वीडियो मे मजदूरों ने बताया है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए समय पर रोजगार की मांग की थी। नियम के मुताबिक, रोजगार की मांग के बाद यदि 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता दिए जाने का प्रावधान है। लेकिन नौ महीने बीत जाने के बाद भी मजदूरों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। मजदूरों का कहना है कि वे अपने परिवार का पेट पालने के लिए काम के इंतजार में बैठे हैं। बारिश और महंगाई के कारण उनकी आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई है। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और दवा का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद अकबर ने प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश राम के समक्ष मजदूरों की समस्या को भावुक अंदाज में उठाया। उन्होंने मजदूरों की पीड़ा और उनके अधिकारों को लेकर पदाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की। मोहम्मद अकबर ने कहा है कि मजदूरों के साथ यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मजदूरों ने मांग की है कि उन्हें तुरंत रोजगार उपलब्ध कराया जाए या फिर बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे। बता दें कि बिहार में जी राम जी एवं अन्य रोजगार गारंटी योजनाओं के तहत् मजदूरो को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। लेकिन जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का क्रियान्वयन संतोषजनक नहीं है। कैग की रिपोर्ट के अनुसार, झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में मजदूरों को मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। तो वहीं, प्रखंड प्रशासन से जब इस मामले को लेकर बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मजदूरों की शिकायत की जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी। लेकिन मजदूरों का कहना है कि वे कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन के कान पर जू नही रेंग रहा है।




