विधायक हत्या की साजिश मामले में मुखिया गिरजा देवी का पलटवार, बोलीं- मुकदमा फर्जी, हो निष्पक्ष जांच!

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रिपोर्ट – आशुतोष पांडेय

जेल में बंद बेटे की सुरक्षा को लेकर जताई गंभीर आशंका, गुमनाम पत्र और उसमें दर्ज नामों की जांच की मांग

आरा/शाहपुर, 11 अगस्त। शाहपुर विधायक राकेश रंजन ओझा की हत्या की कथित साजिश के मामले में करनामेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब प्रसौंडा पंचायत की मुखिया गिरजा देवी ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने विधायक की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे को फर्जी बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

मुखिया गिरजा देवी ने कहा कि किसी एक पक्ष के बयान के आधार पर मामले में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने, दस्तावेजों एवं उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने और उसके बाद ही मामले की वास्तविकता सामने लाने की मांग की है।

जेल में बंद बेटे की सुरक्षा को लेकर जताई आशंका

गिरजा देवी ने अपने जेल में बंद बेटे की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका व्यक्त की है। उन्होंने आशंका जताई कि साजिश के तहत उनके बेटे को जेल में खाने में जहर देकर नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसके अलावा कैदियों को भड़काकर हमला कराने अथवा अन्य माध्यम से नुकसान पहुंचाने की आशंका भी उन्होंने व्यक्त की है।

मुखिया ने प्रशासन से इन आशंकाओं की जांच कराने के साथ जेल में बंद उनके बेटे की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। हालांकि, इन आशंकाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

4 जुलाई के कथित गुमनाम पत्र की जांच की मांग

मुखिया ने 4 जुलाई 2026 को भेजे गए कथित गुमनाम पत्र की भी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पत्र में उल्लेखित नामों और लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की आवश्यकता बताई है।

गिरजा देवी के अनुसार, पत्र में जिस लंबू शर्मा का नाम बताया गया है, वह 31 जुलाई 2025 से जमुई जेल में बंद है। वहीं कुबेर मिश्रा के बेउर जेल में बंद होने की बात भी उन्होंने कही है। ऐसे में पत्र में लगाए गए आरोपों और उसमें उल्लेखित लोगों की वास्तविक स्थिति की जांच आवश्यक है।

‘विकास कुमार’ की पहचान भी स्पष्ट करने की मांग

मुखिया ने कथित गुमनाम पत्र में उल्लेखित ‘विकास कुमार’ नाम के व्यक्ति की पहचान की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पुलिस से यह भी पता लगाने को कहा है कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में शाहपुर थाने में मौजूद था या नहीं। इसके लिए थाना अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की गई है।

डाकघर का सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग

गिरजा देवी ने कथित गुमनाम पत्र जिस डाकघर से भेजे जाने की बात कही गई है, वहां के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि डाकघर में लगे कैमरों की फुटेज से पत्र भेजने वाले व्यक्ति की पहचान में मदद मिल सकती है और मामले की सच्चाई सामने आ सकती है।

शाहपुर से दानापुर जाकर पत्र भेजने पर भी उठाया सवाल

मुखिया ने यह सवाल भी उठाया कि यदि कोई व्यक्ति शाहपुर से दानापुर जाकर पत्र भेज सकता है, तो वह वहां से कुछ दूरी पर स्थित विधायक आवास पर जाकर सीधे जानकारी क्यों नहीं दे सकता था। उन्होंने पुलिस से इस पहलू की भी जांच करने की मांग की है।

‘दोषी पर कार्रवाई हो, निर्दोष के साथ अन्याय नहीं’

गिरजा देवी ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी को बचाना नहीं, बल्कि पूरे मामले की वास्तविक सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने प्रशासन से मामले से जुड़े सभी लोगों के बयान दर्ज करने, दस्तावेजों, थाना अभिलेख, सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।

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