रिपोर्ट – अमित कुमार!
बिहार की मंत्री और जदयू नेता शीला मंडल ने शराबबंदी कानून को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू करना और इस कानून को बचाए रखना कोई छोटी बात नहीं है। यह एक बहुत बड़ा और चुनौतीपूर्ण अभियान है जिसे नेताओं, समाज और आम लोगों के सहयोग से ही सफल बनाया जा सकता है। मंत्री शीला मंडल ने कहा कि सिर्फ कानून बना देना बड़ी बात नहीं होती, बल्कि उसे समाज में प्रभावी तरीके से लागू करना भी जरूरी है। उन्होंने सती प्रथा का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह सामाजिक कुरीतियों को कानून के माध्यम से खत्म करने की कोशिश की गई, उसी तरह शराबबंदी ने भी बिहार के सामाजिक जीवन में बड़ा बदलाव लाने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि शराबबंदी के बाद महिलाओं और परिवारों की स्थिति में बदलाव आया है। पहले शाम के समय महिलाओं के घर से बाहर निकलने में जो परेशानियां होती थीं, उनमें कमी आई है और इसका फर्क समाज में दिखाई देता है।
जब उनसे पूछा गया कि बिहार को नशामुक्त बनाने की बात की जा रही है, लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सार्वजनिक मंचों पर खैनी खाते हुए नजर आते हैं, तो क्या यह विरोधाभास नहीं है और क्या इससे नशे को बढ़ावा नहीं मिलता, तो इस पर उन्होंने कहा कि खैनी पर अभी उसी तरह का प्रतिबंध नहीं है, लेकिन नशामुक्ति के व्यापक अभियान को लेकर सरकार और समाज को लगातार काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद बिहार में इसका व्यापक प्रभाव दिखाई देता है और पूरे देश में भी इसकी चर्चा होती है। उन्होंने यह भी कहा कि शराबबंदी से जुड़े मामलों और सरकार द्वारा कराए जा रहे परीक्षण और समीक्षा को लेकर भी वे लगातार अपनी बात रखते रहे हैं और इस दिशा में सरकार के प्रयासों पर ध्यान दिया जा रहा है।
बिहार की मंत्री और जदयू नेता शीला मंडल ने शराबबंदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी लागू करना और इसे बचाए रखना कोई आसान काम नहीं है। यह एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण अभियान है और इसकी सफलता तभी संभव है जब नेता, समाज और आम लोग साथ आएं। मंत्री शीला मंडल ने कहा कि सिर्फ कानून बना देना काफी नहीं है, उसे जमीन पर लागू करना जरूरी है। सती प्रथा की तरह शराबबंदी ने भी बिहार के सामाजिक जीवन में बदलाव लाया है। खासकर महिलाओं और परिवारों की स्थिति में फर्क दिखा है। अब शाम के समय महिलाओं के बाहर निकलने की दिक्कतें कम हुई हैं। जब उनसे पूछा गया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सार्वजनिक मंच पर खैनी खाते दिखते हैं तो क्या यह नशामुक्ति के खिलाफ है, तो उन्होंने कहा कि खैनी पर अभी शराब जैसा बैन नहीं है। लेकिन सरकार और समाज को नशामुक्ति के लिए लगातार प्रयास करने चाहिए। मंत्री ने कहा कि शराबबंदी का असर बिहार में साफ दिख रहा है और अब पूरे देश में इसकी चर्चा होती है।



