मंडल कारा मे बंद रोशन यादव की हत्या या मौत, परिजनों ने लगाया गले मे फंदा डालकर हत्या का आरोप!

SHARE:

रिपोर्टर– राजीव कुमार झा!

मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र स्थित मंडल कारा में बंद 20 वर्षीय बंदी रौशन कुमार यादव की हत्या या मौत के बिच उलझा हुआ है। जहां मौत के कारण को लेकर जेल प्रशासन एवं मृतक युवक के परिजनों द्वारा अलग अलग दलीलें दिया जा रहा है। जेल प्रशासन का कहना है की अचानक तवियत खराब होने के बाद इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने जेल में रौशन के साथ मारपीट कर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
मृतक रोशन कुमार यादव की पहचान रहिका थाना क्षेत्र के बलाट गांव के रामदयाल यादव का पुत्र रौशन कुमार यादव के रूप किया गया है। परिजनों के अनुसार, तीन दिन पहले वे रौशन से मिलने रामपट्टी स्थित मंडल कारा गए थे। उस समय रौशन की तबीयत बिल्कुल सामान्य थी। उनकी मौत बिमारी से नही बल्कि उनकी हत्या जेल के अंदर कर दिया गया है। परिजनों ने जेल प्रसाशन के विरुद्ध आरोप लगाते हुए बताया है कि अचानक उसकी तबीयत खराब होने की सूचना उन्हें नहीं दी गई। सोमवार को रहिका थाना पुलिस ने फोन कर रौशन की मौत की जानकारी उन्हे दी। बताया जाता है कि रहिका थाना में दो महीने पूर्व में आर्म्स एक्ट के एक मामले मे प्राथमिकी दर्ज होने के बाद रौशन को न्यायिक हिरासत में मंडल कारा भेजा गया था। इधर, पुलिस प्रशासन के अनुसार मंडल कारा में बंदी की तबीयत बिगड़ने पर उसका इलाज कराया गया। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। सदर अस्पताल के इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
वही परिजनों ने रौशन के शरीर पर मारपीट के निशान होने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उसके गले पर भी निशान दिखाई दे रहा है, जिसे देख कर उन्हें संदेह है कि मृतक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और गले में फंदा डालकर हत्या कर दिया गया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस प्रशासन के द्वारा नहीं की गई है। घटना की सूचना पर मंडल कारा के सुरक्षाकर्मी के अलावा नगर थाना और राजनगर थाना की पुलिस टीम सदर अस्पताल पहुंच कर शव को कब्जे मे लेकर जांच पर ताला ये जूट गई । घटना की जांच के लिए घटनास्थल और सदर अस्पताल में एफ एस एल की टीम भी पहुंची। प्रशासन द्वारा युवक के शब की पोस्टमार्टम के लिए मजिस्ट्रेट के रूप में वरीय उपसमाहर्ता बिरजू दास को नियुक्त किया गया। जहां मजिस्ट्रेट के उपस्थिति एवं निगरानी में मेडिकल टीम ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की। पोस्टमार्टम करने वाली टीम में डॉक्टर रवि प्रकाश, डॉक्टर विकास कुमार और डॉक्टर अभिषेक कुमार झा शामिल रहे। पोस्टमार्टम के बाद शब अंतिम संस्कार के लिए परिजन को सोंप दिया गया है। युवक की मौत की कारण पुलिस जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्टर आने के बाद ही बंदी की मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

Join us on: