ASI का पार्थिव शरीर देख पत्नी बार बार हो रही बेहोश, उच्च स्तरीय जाँच की माँग, दिया गया गार्ड ऑफ़ ऑनर!

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रिपोर्ट- अरविंद कुमार!

पत्नी देख कर हुई बेहोई, बड़े भाई ने कहा हमारे घर में कोई टेंशन नहीं, प्रशासन बतावें मेरे भाई ने ऐसा क्यों किया, पूरे मामले की हो जांच, देर रात दिया गया गार्ड ऑफ़ ऑनर!

समस्तीपुर:जिले के मोहिउद्ददीनगर थाने के डायल 112 पर तैनात एएसआई (असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर) बबलू कुमार प्रसाद सुसाइड कांड की गुत्थी परिवार वालों के बयान पर और उलझ गयी है। बगहा से पहुंचे जमादार के बड़े भाई ने पारिवारिक टेंशन से इनकार करते हुए कहा कि यह प्रशासन जांच कर बतावें कि उनके भाई ने ऐसा क्यों किया। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कल ही तो उनके भाई ने अपनी पत्नी और मां से फोन पर शाम में बात किया था। टेंशन वाली कोई बात नहीं थी। परिवार के लोग वीपी और सुगर के बारे में हाल चाल लिया था। आज सुबह करीब 11 बजे नौरंगिया थाने द्वारा सूचना दी गई। जिसके परिवार के सभी लोग अभी शाम में समस्तीपुर पहुंचे हैं। उधर, शव देखते हुए जमादार की पत्नी सुनीता देवी बेहोश हो गई। उसे परिवार के लोगों ने संभाला।
मृत जमादार के बड़े भाई मुन्ना लाल बड़गरिया ने बताया कि वह तीन भाई हैं। वह खुद एनआईसी में काम करते हैं। बबलू दूसरे नंबर पर थे। जबके तीसरा व छोटा भाई बैजू कुमार रेलवे में नौकरी करता है। उनके पिता का निधन 2007 में हो गया था। जिसके बाद उनसे छोटे बबलू 2009 में नौकरी में आये। समस्तीपुर के मोहिउद्ददीनगर में वह करीब ढाई सालों से थे। उन्होंने कहा कि मेरा पूरा परिवार सभ्य परिवार है। अभी भी चाचा और हमलोंगों का परिवार ज्वाईंट है। एक चूल्हे पर खाना बनता है। परिवार में एकता है। बंटबारा भी नहीं हुआ है। परिवार में कोई परेशानी नहीं है। जिससे बबलू पर पारिवारिक टेंशन का सवाल ही नहीं उठता। कल ही वह पत्नी और मां से काफी देर बातचीत किया था। कोई दिक्कत नहीं थी। सुबह अचानक क्या हुआ कि उसने आत्महत्या कर ली। यह प्रशासन जांच कर बतावें। बबलू एक दम सीधा-साधा था। बहुत कम बोलता था। अपने काम से काम रखता था। उनकी पत्नी सुनीता देवी गांव में घर के पास प्राइमरी स्कूल में टीचर है। बड़ा बेटा है जो नीट की तैयारी के लिए इसी वर्ष कोटा में एडमिशन कराया है। बेटी अभी दशम में पढती है वह घर पर ही है। मृतक जमादार के चाचा ओम प्रकाश महतो ने बताया कि दिन के करीब 11 बजे थाना द्वारा सूचना दी गई। घर के लोग इधर -उधर थे। जमा होने में एक डेढ घंटे का समय लग गया। जिसके बाद अभी शाम में पहुंचे हैं। हमे तो समझ ही नहीं आ रहा कि वह सुसाइड कैसे कर सकता है। वह अपने में खोया रहने वाला इंसान था। बहुत कम बोलता था। घर में कोई परेशानी नहीं है। आर्थिक परेशानी भी नही है। बबलू की मां अभी जिंदा है। उन्हें पेंशन मिलता है। पत्नी शिक्षिका है। उसे क्या टेंशन था। इसे बारे में कभी नहीं बताया।

बाइट : मृतक एएसआई का छोटा भाई बैजू कुमार
@⁨Ritesh Mishra India News⁩

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