रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
“जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई: हर पंचायत में लगेगा ‘सहयोग शिविर’, प्रशासन होगा आपके द्वार”
“दफ्तरों के चक्कर खत्म: मुजफ्फरपुर में ‘सहयोग शिविर’ से घर के पास ही मिलेगा न्याय और समाधान”
“अब पंचायत में ही मिलेगा समाधान: मुजफ्फरपुर में 19 मई से ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत”
मुजफ्फरपुर,
19 मई 2026:
आम नागरिकों को उनकी समस्याओं, शिकायतों और सुझावों को सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर प्रदान करने तथा उनके त्वरित और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिले में 19 मई 2026 से प्रत्येक प्रखंड के चयनित पंचायतों में ‘सहयोग शिविर’ का आयोजन शुरू किया जा रहा है। यह पहल प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को मजबूत करने तथा जन शिकायतों के त्वरित निवारण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।सरकार लगातार यह प्रयास कर रही है कि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से पंचायत स्तर पर ही शिविर लगाकर संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। यह व्यवस्था आम जनता के लिए प्रशासन को और अधिक सुलभ, पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगी।
जिले में पहले से ही लोक सेवाओं के समयबद्ध निष्पादन के लिए बिहार लोक सेवा का अधिकार अधिनियम, 2011 तथा जन शिकायतों के समाधान के लिए बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, 2015 लागू हैं। इसके साथ ही ‘जन संवाद’ एवं ‘आयोजन बैठक’ जैसी व्यवस्थाएं भी संचालित की जा रही हैं। अब इन प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत की जा रही है।
प्रशासन द्वारा ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पहले से ही प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल एवं जिला स्तर पर आम जनता की शिकायतों के निवारण के लिए अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। इन दिनों संबंधित पदाधिकारी निर्धारित स्थल पर उपस्थित रहकर शिकायतकर्ताओं से सम्मानपूर्वक मिलते हैं और उनकी समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुनते हुए त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई करते हैं।
अब इस व्यवस्था को और मजबूत करते हुए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायत स्तर पर ‘सहयोग शिविर’ आयोजित किये जाएंगे। इन शिविरों का आयोजन पंचायत सरकार भवन या उसके निकट किसी सार्वजनिक स्थल पर किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग आसानी से पहुंच सकें। शिविर स्थल पर आमजन के बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जिनमें अपर समाहर्ता, राजस्व एवं भूमि सुधार उपसमाहर्ता तथा अंचलाधिकारी स्तर के पदाधिकारी प्रमुख रूप से शामिल होंगे। ये अधिकारी अपने न्यायालयों में लंबित एवं निष्पादित मामलों की सूची का प्रदर्शन भी करेंगे, ताकि आम लोगों को अपने मामलों की स्थिति की जानकारी आसानी से मिल सके।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि शिविर आयोजित होने से पहले संबंधित पंचायत के सभी राजस्व मामलों का नियमानुसार निष्पादन कर लिया जाये, ताकि शिविर के दौरान लंबित मामलों की संख्या न्यूनतम हो और लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
सहयोग शिविर केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं होंगे, बल्कि इन शिविरों में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी आम जनता को दी जाएगी। इससे लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सुविधा होगी और जागरूकता भी बढ़ेगी।
शिविर के सफल आयोजन के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश भी जिलाधिकारी द्वारा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव तक सूचना पहुंचाना आवश्यक है।
एक विशेष व्यवस्था के तहत शिविर आयोजित होने से 30 दिन पूर्व ही आवेदन पत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी इस कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। प्राप्त आवेदनों का संबंधित अधिनियमों एवं योजनाओं के तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाएगा और इसकी लिखित सूचना शिविर में उपलब्ध कराई जाएगी।
शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों और आवेदनों का विधिवत पंजीकरण किया जाएगा। इसके लिए पंचायत के कार्यपालक सहायक को प्राधिकृत किया गया है, जो प्रत्येक आवेदन की प्राप्ति रसीद जारी करेंगे और निर्धारित प्रपत्र में उसका विवरण दर्ज करेंगे। साथ ही इन सभी आवेदनों को जिला स्तर से उपलब्ध कराए गए पोर्टल पर प्रतिदिन अपलोड करना भी सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया है कि शिविर में प्रतिनियुक्त जिला स्तरीय पदाधिकारी शिविर समाप्ति के बाद एक संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। इस प्रतिवेदन में प्राप्त आवेदनों की संख्या, उनके निष्पादन की स्थिति तथा जिन पदाधिकारियों या कर्मियों द्वारा संतोषजनक कार्य नहीं किया गया है, उनकी जानकारी भी शामिल होगी। इससे जवाबदेही तय करने और आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
सहयोग शिविर के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए उप विकास आयुक्त को वरीय प्रभारी पदाधिकारी के रूप में नामित किया गया है। वे पूरे आयोजन की निगरानी करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी आवेदनों का नियमानुसार शत-प्रतिशत निष्पादन हो।
जिलाधिकारी ने कहा कि यह पहल प्रशासन को जनता के और करीब लाने का एक सशक्त माध्यम है। इससे न केवल शिकायतों का त्वरित समाधान होगा, बल्कि लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शिविर में पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शिकायतकर्ता बिना समाधान के वापस न जाए।




