Report :- संतोष चौहान, सुपौल।
सुपौल :- विद्युत विभाग सुपौल द्वारा डिग्री कॉलेज चौक के निकट NBPDCL विद्युत कार्यालय सुपौल में एक दिवसीय सोलर मेले का आयोजन किया गया, जिसका विधिवत उद्घाटन सुपौल के जिलाधिकारी सावन कुमार ने फीता काटकर किया।
जिलाधिकारी द्वारा मेले में लगे विभीन्न कम्पनी के स्टाल का निरीक्षण किया एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। तत्पश्चात विद्युत विभाग द्वारा विद्युत कार्यालय के सभागार में एक सोलर मेले से जुड़े एक समारोह का भी आयोजन किया गया जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी सावन कुमार एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को पौधा एवं मोमेंटो भेंटकर सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की चर्चा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना कोशी के इलाके के लिए बरदान साबित होगी, सिर्फ जरूरत है ग्रामीण इलाके में जागरूकता की। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आने वाले समय में सोलर क्रांति के रूप में उभरकर सामने आयेगा जो आम लोगों के लिए काफी हितकर साबित होगा। उन्होंने कहा कि आज मेले का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को सोलर ऊर्जा के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें बिजली बिल में राहत दिलाना है। जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग सोलर ऊर्जा के योजनाओं का लाभ उठाऐं और स्वच्छ एवं सतत उर्जा को बढ़ावा दें।
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस योजना के तहत उपभोक्ता अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली खर्च में कमी ला सकते हैं और सरकार की सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। मेले में विशेषज्ञों द्वारा उपभोक्ताओं को आन द स्पॉट मार्गदर्शन दिया गया। मेले में इच्छुक उपभोक्ताओं को सोलर पैनल की लागत, क्षमता,चयन, रखरखाव और संभावित बचत से जुड़े सवाल की जानकारियां भी दी गई।
सोलर मेले के उद्देश्य के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए संतोष कुमार,विद्युत अधीक्षण अभियंता विद्युत आपूर्ति अंचल, सहरसा ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से उपभोक्ता अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकते हैं। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आयेगी, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर आय का संधारण भी कर सकते हैं।
उन्होंने इस योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सोलर संयंत्र लगाने पर सरकार आकर्षक सब्सिडी दे रही है। एक किलोवाट क्षमता पर 30 हजार रूपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रूपये एवं तीन किलोवाट या इससे अधिक क्षमता पर 78 हजार रूपये तक का अनुदान (सब्सिडी) देने का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगाने की दिशा में आर्थिक बोझ कम करने के लिए बैंकों के माध्यम से लगभग 7 प्रतिशत रियायती ब्याज दर पर दो लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इस ऋण की अदायगी शहरी क्षेत्रों में 4 से 5 वर्षों और ग्रामीण क्षेत्रों में 7 से 8 वर्षों में की जा सकती है। जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ कम पर सकता है।
वही सुपौल के विद्युत कार्यपालक अभियंता आलोक कुमार रंजन ने कहा कि इस योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ताओं को – आधार कार्ड, बिजली बिल, बचत खाता – बैंक पासबुक, छत स्वामित्व का प्रमाण -पत्र (स्वभिप्रमाणित भी हो सकता है) एवं मोबाईल नम्बर होना अनिवार्य है।
समारोह के दौरान विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सुपौल द्वारा मार्च 2026 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति -पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में अधीक्षण अभियंता, विद्युत आपूर्ति अंचल सहरसा, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सुपौल, के अलावे धनंजय कुमार सिंह, विद्युत कार्यपालक अभियंता, राघोपुर, गुंजन कुमार सिंह, प्रशासी पदाधिकारी, विद्युत आपूर्ति प्रमंडल सुपौल, दीपक कुमार, राजस्व पदाधिकारी, विद्युत विभाग, सहित सुपौल जिला के सभी सहायक विद्युत अभियंता, कनीय अभियंता, सोलर ऊर्जा से जुड़े वेंडर, बैंक कर्मी एवं बड़ी संख्या में विद्युत विभाग के मानव बल उपस्थित थे।




