रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
मधुबनी जिले के कय सरकारी अस्पतालों में स्वच्छता और गुणवत्ता सुधार के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सीएचसी कलुआही, एसडीएच झंझारपुर, पीएचसी अंधराठाढ़ी, एसडीएच जयनगर, और सीएचसी खुटौना में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में पी डी सीए, फाइव सिग्मा, सिक्स सिग्मा, स्पिल प्रबंधन, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, मोपिंग तकनीकी, कायाकल्प और लक्ष्य की चेकलिस्ट ओरिएंटेशन, एएनएम/जीएनएम को लीडर के रूप में तैयार करना, नीडल स्टिक इंजरी मैनेजमेंट, ममता वर्कर्स का सशक्तिकरण, हाथ धोने के 6 कदम, एफ आई एफ ओ, एक्सपायरी दवाइयों का प्रबंधन, दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला, पीपीई किट की महत्ता और उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिया गया एवं इन सभी विषय को कवर किया गया।
प्रशिक्षण का नेतृत्व पिरामल स्कूल ऑफ लीडरशिप के मुदित पाठक ने किया, जिन्होंने इन पांच प्रखंडों में कर्मचारियों को गुणवत्ता सुधार के लिए संवेदनशीलता प्रदान किया और मरीजों को बेहतर सेवाएं देने के लिए जागरूक किया। मधुबनी के सिविल सर्जन डॉक्टर नरेश कुमार भिमसरिया, जो हमेशा से गुणवत्ता सुधार पर जोर देते रहे हैं, ने भी इस अवसर पर अपनी बातें रखीं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण के बाद हमारे लाभार्थियों को किसी भी प्रकार की कमी महसूस नहीं होनी चाहिए। हमारे कर्मचारी उचित सेवाएं मरिजो को प्रदान कर सकें। मधुबनी जिला जिस में अभी तक एक ही स्वास्थ्य संस्थान के पास कायाकल्प सर्टिफिकेशन है जो कि लौकही है, इस प्रकार की ट्रेनिंग्स के साथ हम लोग लक्ष्य, एनक्यूएएस, कायाकल्प जैसे सर्टिफिकेशन को आसानी से और जल्दी में तैयारी कर सकते हैं। स्टाफ्स को इन सर्टिफिकेशंस के बारे में ट्रेनिंग्स में बताया गया है। इन क्वालिटी से संबंधित सर्टिफिकेशंस को कैसे हम प्राप्त कर सकते हैं। इन सभी बातों को प्रशिक्षण के दौरान बताया गया है। मुदित पाठक ने हर अस्पताल में जाकर वहां का निरीक्षण किया और वहां के कर्मीयों को बताया कि कैसे वे अपनी सेवाओं मे सुधार ला सकते हैं, जिससे हमारे मरीजों को सुविधा मिले और वे अस्पताल में सुरक्षित महसूस करें।
सभी ब्लॉकों के एमओआईसी/डीएस ने इस प्रशिक्षण की महत्व को समझते हुए सराहना की हैं।और इस प्रकार की प्रशिक्षण से होने वाले लाभ और स्टाफ की नॉलेज एन्हांसमेंट पर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे ये प्रशिक्षण स्टाफ्स के लिए बहुत जरूरी हैं और यह स्टाफ्स को अधिक प्रभावी और दक्ष बनाने में मदद करेगा, ताकि वे लाभार्थियों को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें। व अपने अस्पतालो को एक बेहतर कार्यस्थल बना सकें।
तीन घंटे लंबे इस सत्र में क्रॉस लर्निंग भी शामिल थी। इस सत्र में स्वास्थ्य संस्थान के डिप्टी सुप्रिटेंडेंट, मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज, हॉस्पिटल मैनेजर, ब्लॉक हेल्थ मैनेजर, विभिन्न विभागों के कर्मचारी उपस्थित थे और उन्होंने मूल्यवान फीडबैक साझा किया। इस प्रशिक्षण सत्र में जीएनएम/एएनएम, सी एच ओ, ममता वर्कर्स और स्वच्छता कर्मी भी शामिल होकर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य अस्पतालों में स्वच्छता और गुणवत्ता में सुधार करना, स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाना है।




