रिपोर्टर — राजीव कुमार झा
बेखौफ तस्करों को एसएसबी का नही है भय , नेपाल से गांजा, शराब, टूथपेस्ट आदि की हो रही तस्करी
यहां नही रहते सुरक्षा में मौजूद जवान, तस्करों की तांडव से लोग परेशान
भारत नेपाल सीमा सुरक्षा की जवाबदेही शस्त्र सीमा वल के जिम्मे है। लेकिन दोनों देशों के सिमा सुरक्षा में मौजूद इन जवानों का बहुत बड़ा चूक मधुबनी
जिला से सामने आ रही है। इसे हम जयनगर 48 वीं वाहिनी एसएसबी जावनों का बड़ी लापरवाही भी कह सकते है। दरअसल गाढ़ा बॉर्डर पर शस्त्र सीमा बल के गायर मौजूदगी से इन रास्ते खुलेआम तस्करी हो रही है। ऐसा कहना है स्थानीय लोगों का। इधर गांव वालों से मिली शिकायत पर जब हमारे संवाददाता रविवार की दोपहर करीब 12 बजे गाढ़ा बॉर्डर पर पहुंचें तो हैरान करने वाली तस्वीर सामने आया। दरअसल सीमा स्तम्भ संख्या 274/43 के दूर दूर तक एक भी एसएसबी जवानों की मौजूदगी नही दिखाई दिया। जबकि एसएसबी का दावा है कि बॉर्डर पर एसएसबी हमेशा अलर्ट रहती है। तो सवाल यह उठता है कि यदि दिन में एसएसबी ड्यूटी पर नही रहते फिर रात को क्या होता होगा। वहीं बॉर्डर पर देर तक नजर दौराने पर एक भी जवान दिखाई नहीं दिया। वही गाढ़ा चौक से नो मेंस लैंड तक मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना का निर्माण हुआ है। ठीक नो मेंस लैंड के बाद नेपाल में भी सड़क यहां तक आती है। नो मेंस लैंड पर चार पहिया वाहनों की आवाजाही का प्रमाण वाहनों के टायर का निशान गवाही देता है कि नेपाल से चार पहिया वाहनों का आवागमन होता है। वहीं नाम नही बताने के शर्त पर कुछ ग्रामीणों का कहना है कि रात भर तस्कर बेखौफ होकर इन रास्तों से तस्करी करता है। इन लोगों का कहना है कि गांजा, शराब, लाइटर, नेपाली टूथ पेस्ट आदि कई प्रकार की प्रतिबंधित सामग्रियों का धड़ल्ले से तस्करी इन रास्तों से होता है। स्थानीय लोगों ने बताया है कि तस्करों का वाहन इतना तेजी से यहां से निकलता है कि रात को घर से बाहर निकलने में भी लोगों को डर लगता है। गौरतलब है कि सीमा पर धड़ल्ले से तस्करी होना एसएसबी जावनों के सुरक्षा पर प्रश्न चिन्ह खड़ा कर रहा है।
बहरहाल ग्रामीणों ने गाढ़ा बॉर्डर से जारी तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाने का गुहार एसएसबी के आला अधिकारियों से किया है।




