रिपोर्ट- संतोष तिवारी!
3 सहेलियों का सुसाइड… मां की आत्मा से बात करती थीः सत्संग सुनतीं, कहतीं शरीर नश्वर, लेटर में लिखा- बाबा ने बुलाया है कष्ट दूर
हो जाएंगे,
मुजफ्फरपुर
मुजफ्फरपुर के अखाड़ाघाट की रहने वाली माही 10वीं क्लास में पढ़ती थी। वह बहुत छोटी थी, जब उसकी मां ने दुनिया छोड़ दी। मां की मौत के बाद माही के जीवन में भटकाव आने लगा। भक्ति में डूबी माही के दिमाग में यह बैठ गया कि यह शरीर नश्वर है। वह अपनी मां की मौत के बाद भी बात करने का दावा करने लगी। कहती थी यह शरीर नश्वर है। यह कभी मरता नहीं। अमरत्व प्राप्तकरता है। यही बात माही के साथ कोचिंग में पढ़ रही योगियामठ इलाके की गौरी और माया के दिमाग में भी बैठ गई। इसके बाद हिमालय पर बाबा से मिलने की चिट्ठी लिखकर तीनों मथुरा पहुंच गई और तीन दिन पहले मथुरा में ही मालगाड़ी के सामने आकर तीनों ने अपनी जान दे दी। गौरी (14), माया (13) और बालूघाट की माही (13) एक साथ 13 मई से लापता थीं। माही के घर से एक लेटर भी मिला, जिसमें लिखा है, जीवन में कुछ परेशानियां चल रही हैं। बाबा ने बुलाया है। इसके बाद सब ठीक हो जाएगा। तीन महीने तक हम लोगों की खोजबीन नहीं कीजिएगा। हम आध्यात्म की खोज में जा रहे हैं।
मंगलवार को तीनों छात्राओं के परिजनों के साथ मुजफ्फरपुर पुलिस ने मथुरा पहुंचकर डेड बॉडी की पहचान कराई। पहचान होने के बावजूद पुलिस ने डीएनए टेस्ट कराने का फैसला लिया है। तीनों एक साथ हाथ पकड़ कर मालगाड़ी के सामने आ गई। इसका प्रमाण भी मथुरा पुलिस ने मुजफ्फरपुर पुलिस को मालगाड़ी के ड्राइवर से हुई बातचीत का ऑडियो देकर किया है।
बाइट




