रिपोर्ट- अमित कुमार!
: खगड़िया के सीटिंग एमपी चौधरी महबूब अली कैसर रालोजपा (पारस गुट) छोड़ राजद में शामिल हो गए हैं। इसके लिए वो राजद कार्यालय पहुंचे। जहां तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई है। महबूब अली कैसर के साथ उनके बेटे युसूफ कैसर भी मौजूद हैं। कैसर दो बार खगड़िया से सांसद रह चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में उनको काफी वोट भी मिले थे, लेकिन 2024 में उन्हें टिकट नहीं मिला।
वहीं, खगड़िया सांसद को राजद में शामिल करवाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि महबूब अली कैसर ने संविधान बचाने के हित में और लोकतंत्र बचाने के हित में यह फैसला लिया है। यहां दो खेमा है,एक तलवार बांटने वाला है और एक हमलोग हैं जो कलम बांटने वाले हैं। अब कैसर साहब ने जो निर्णय लिया है उससे बिहार और देश में एक सन्देश गया है।इनके निर्णय से पूरे देश और राज्य में जो निर्णय जाएगा वो देश बचाने के लिए जाएगा।
दरअसल, एनडीए में पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोजपा को एक भी सीट नहीं मिलने के बाद पार्टी में भगदड़ मच गई। खगड़िया से राष्ट्रीय लोजपा के सांसद महबूब अली कैसर अचानक चिराग से मिलने पहुंचे थे और पारस की पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया था। इसके बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वह जल्द ही चिराग की लोजपा (रामविलास) में शामिल हो जाएंगे। लेकिन यहां उनकी बात नहीं बनी।
आपको बताते चलें कि, चिराग पासवान ने भागलपुर के स्वर्ण कारोबारी राजेश वर्मा को खगड़िया से टिकट देकर मैदान में उतार दिया। टिकट नहीं मिलने के बाद आखिरकार महबूब अली कैसर ने आरजेडी में जाने का फैसला ले लिया। आरजेडी ने खगड़िया की सीट सीपीएम को दे दी है। ऐसे में महबूब अली कैसर सीपीएम उम्मीदवार का समर्थन कर अब चिराग पासवान को टक्कर देंगे। आरजेडी के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने जानकारी दी है कि कैसर रविवार को आरजेडी में शामिल हो जाएंगे।




