अरविंद कुमार

मोतिहारी। शौच करने निकले पांच दोस्त एक साथ बाढ के पानी में डूब गये,जिसमें एक को ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाला है। जबकि चार की मौत पानी में डुबने से हो गयी है। ग्रामीणों ने तीन के शव को निकाला है,जबकि डूबे एक युवक का शव नहीं मिल सका है। ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के पहल पर एनडीआरएफ की टीम ने शव की खोज किया। लेकिन अंधेरा होने के कारण एनडीआरएफ की टीम को सफलता नहीं मिल सकी है। आज सुबह रविवार को 1 का शव ढूढा जा सका यानी 4 बच्चे का शव बरामद कर लिया गया है।घटना पूर्वी चम्पारण के बंजरिया प्रखंड के गोखुला और बनकट गांव के निवासी पांच दोस्त दोनों गांवों के बीच मिले। सभी शौच करने के लिए घर से निकले थे। एक साथ मिलकर सभी दोस्त बाढ के पानी के किनारे खेलने के दौरान गहरे पानी में डूब गये। साथ डूबे एक युवक किसी तरह बचकर निकला,घटना की सूचना गांव के लोगों को दिया। गांव के लोगों को युवकों के डुबने की सूचना मिली तबतक देर हो चुकी थी। ग्रामीणों ने डूबे तीन युवकों के शव को गहरे पानी से निकाला ,जबकि एक युवक का अहले सुबह शव को पानी से बरामद कर लिया गया है। ग्रामीणों की सूचना पर बंजरिया के सीओं और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं मृतक बिक्की
कुमार के पिता अदालत महतों ने बाढ की पीडा के बीच इस प्रकार की घटना को दुख का पहाड बताया है और सरकार से मदद की गुहार लगायी है। वहीं मृतक अनीश कुमार के पिता सोनालाल साह ने बताया कि बच्चे शौच करने गये थे,जहां घटना हो गयी है। मौके पर पहूंचे नरकटिया के राजद विधायक शमीम अहमद ने सरकार के कार्यों पर प्रश्न खडा करते हुए कहा कि बाढ से
मुक्ति के स्थायी निदान की बात करने वाली सरकार ने इस ओर कुछ भी नहीं किया है। बंजरिया प्रखंड की नियति ही बनी है बाढ। उन्होंने सरकार से
आपदा राहत कोष से पिछले साल हुई मौत के पीडित परिजनों को राहत राशि नहीं देने की बात कहीं और कहा कि पीडितों को ससमय राहत राशि दिया जाना चाहिए।




