बेतिया/सोहन प्रसाद :-
हिंदू धर्म में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है. जन्माष्टमी का त्यौहार देश में काफी धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद (भादों) माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था. भगवान कृष्ण की याद में और उनकी कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए भक्त हर साल भादों कृष्ण अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्यौहार मनाते हैं।जन्माष्टमी के अवसर पे बेतिया, नरकटियागंज, रामनगर, बगहा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी काफी उत्साह देखने को मिला।नरकटियागंज चीनी मिल रोड स्थित बिरला मंदिर को भव्य रूप से सजाय गया,सुबह से ही मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।कनहैया लाल की जय, राधे -राधे के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो चला था।मंदिर प्रांगण के आसपास लगी दुकाने एवं झूला मेला की शोभा बढ़ा रही थी, छोटे-छोटे बच्चें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में मंदिर प्रांगण में दिखे.भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोपरांत मंदिर के पुजारी ने मंत्रोच्चारण कर भगवान का आरती पूजन किया ततपश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।धार्मिक मान्यता है कि जन्माष्टमी के दिन व्रत करने और भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से वे भक्तों की सभी मुरादें पूरी करते हैं. उनकी कृपा से निसंतान दंपत्ति को संतान की प्राप्ति होती है. भक्तों के हर काम सफल होते है. घर परिवार में सुख समृद्धि आती है।




