रिपोर्ट -अनमोल कुमार :-
नीतीश कुमार फेवीकॉल लगाकर कुर्सी पर बैठ गए हैं
जनता ने इस सरकार को वोट नहीं दिया, यह जुगाड़ पर चल रही
समय पर वेतन दे नहीं पा रही सरकार, नई नौकरियां कहां से देगी?
पटना : चुनावी रणनीतिकार के रूप में मशहूर प्रशांत किशोर (PK) का दावा है कि अगला विधानसभा चुनाव के पहले कई बार बिहार की राजनीति घूमेगी। उन्होंने कहा कि अभी हमें आए हुए तीन महीने ही हुए और बिहार की राजनीति 180 डिग्री घूम गई। नीतीश कुमार फेवीकॉल लगाकर अपनी कुर्सी पर बैठ गए हैं और बाकी की पार्टियां कभी इधर तो कभी उधर होती रहती हैं। जनता ने इस सरकार को वोट नहीं दिया था। ये सरकार जुगाड़ पर चल रही है, इसे जनता का विश्वास प्राप्त नहीं है। जन सुराज अभियान के तहत समस्तीपुर पहुंचे प्रशांत किशोर ने महागठबंधन सरकार पर जमकर निशाना साधा। 10 लाख नौकरियों के मुद्दे पर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर ये सरकार 1-2 साल में अगर 5-10 लाख नौकरियां दे देती है तो मैं इनके समर्थन में अपना अभियान वापस ले लूंगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि जो नियोजित शिक्षक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें तो समय पर वेतन दे नहीं पा रही ये सरकार और नई नौकरियां कहां से दे पाएगी। वहीं दूसरी ओर प्रशांत किशोर ने 2005 से 2010 के बीच एनडीए सरकार के काम की प्रशंसा भी की।
बीजेपी संग असहज थे नीतीश, महागठबंधन के साथ जाना एक प्रयोग
इसके पूर्व पटना में एक निजी चैनल से बातचीत में प्रशांत किशोर ने बुधवार को दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के साथ गठबंधन में असहज महसूस कर रहे थे। इसी वजह से उन्होंने दूसरे दलों के साथ गठबंधन करने का फैसला किया। किशोर ने कहा कि यह देखना होगा कि नई सरकार कुछ करती है या नहीं, क्योंकि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जनता दल (यूनाइटेड) का भ्रष्टाचार सहित कई मुद्दों पर रुख एकदम अलग है।
राष्ट्रीय स्तर पर बिहार मामले का असर नहीं दिखेगा
उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से 2022 तक वह भाजपा के साथ थे, लेकिन कई कारणों से मैंने उन्हें कभी सहज नहीं पाया। उन्होंने सोचा होगा कि क्यों न महागठबंधन के साथ प्रयोग किया जाए। नीतीश कुमार के प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षाओं की खबरों पर, किशोर ने कहा कि घटनाक्रम पूरी तरह से केवल बिहार तक सीमित है। राष्ट्रीय स्तर पर इसका असर दिखने की संभावना कम ही है।




