रिपोर्ट -अनमोल कुमार:-
नैतिक शिक्षा से बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है:- ब्रह्माकुमारी रंजू दीदीजी
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय मधेपुरा के तत्वधान में स्थानीय सुख शांति भवन में भव्य स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया।स्नेह मिलन के शुभारंभ में ब्रह्माकुमारीज संस्थान के मुंबई बोरीवली सेंटर से आए हुए ब्रह्माकुमार किशोर भाई जी, प्रदेश महासचिव महिला प्रकोष्ठ सह राजद नेत्री रागनी रानी उर्फ डोली दिदीजी, वरिष्ठ समाजसेवी एवं मधेपुरा होटल के निर्देशक प्रिती दीदी जी को ब्रह्माकुमारीज सीमावर्ती क्षेत्र प्रभारी राजयोगिनी रंजु दीदी जी ओर समाज सेवी विनय वर्धन जी के द्वारा तिलक, सॉल,माला द्वारा स्वागत औऱ सम्मान भी किया।
सीमावर्ती क्षेत्रिय प्रभारी राजयोगिनी रंजू दीदी जी ने अपने उदबोधन देते हुए कहा एक आदर्श समाज में नैतिक ,सामाजिक व आध्यात्मिक मूल्य प्रचलित होते हैं। नैतिक मूल्यों को हमें सम्मान करना चाहिए। मूल्य शिक्षा द्वारा ही बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है। नैतिक मूल्यों की धारणा से आंतरिक शक्तियों का विकास होता है। और आत्मबल, मनोबल बढ़ता है। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों से युक्त जीवन ही सभी को पसंद होता है। सद्गुणों की धारणा से ही हम प्रशंसा के पात्र बन सकते हैं। उन्होंने का कहा कि मूल्य ही जीवन की सुंदरता और वरदान है। जीवन में धारणा किए हुए मूल्यों ही हमारे श्रेष्ठ चरित्र की निशानी है ।मूल्यों को जीवन में धारण करने की हमारे मन में आस्था निर्माण करने की आवश्यकता है। दीदी जी ने बताया कि आध्यात्मिकता ही सद्गुणों का स्रोत है ।जब तक जीवन में आध्यात्मिकता नहीं अपनाते हैं तब तक जीवन में मानवीय नैतिक मूल्य नहीं आ सकते है।
प्रदेश महासचिव महिला प्रकोष्ठ सह नेत्री रागिनी रानी उर्फ डाली दीदी जी ने अपने उदबोधन देते हुए कहा की राजयोग के नित्य अभ्यास से ही हमारा मनोबल और आत्मबल बढ़ता है। राजयोग द्वारा हम सच्चे सुख शांति की अनुभूति कर तनावमुक्त बन सकते हैं ।चांद ,सूर्य ,तारा गन से पार रहने वाले परमपिता को मन बुद्धि से याद करना ,उनके गुणों का गुणगान करना ,उनके बताए हुए मार्ग पर चलना ही वास्तव में राजयोग है।
समाजसेवी प्रीति दीदी जी ने अपने उदबोधन देते हुए कहा कि जब विज्ञान समाप्त हो जाता है। तब वहां पर योग काम करता है। यह विज्ञान से कहीं गुना आगे है। उन्होंने ओम शब्द के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शब्द प्रदर्शित करता है कि ईश्वर एक ही है और वह किसी धर्म के लिए अलग नहीं है ।योग के बल पर धर्म और मजहब में मकड़जाल से छूट समाज एकजुट हो सकता है ।उन्होंने ब्रह्माकुमारी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह परमात्मा का सत्य परिचय देनेवाली चैतन्य देबिया हैं।जिसका परिचय जाकर हमारी जीवन बदल गया। सच्ची सुख शांति मिली औऱ अपनत्व का आभास हुआ।
उक्त कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमार किशोर भाईजी ने किया।मौके पर बरीष्ठ समाजसेवी एवं मधेपुरा होटल के निर्देशक प्रिती दीदी ,समाजसेवी पूर्व प्रमुख विनय वर्धन उर्फ खोखा यादव ,समाजसेवी पप्पू यादव ,रामकृष्ण यादव, विजय वर्धन, प्रोफेसर सतीश भाई, अयोध्या भाई भूपेंद्र भाई ,संजय वर्धन ब्रम्हाकुमारी दुर्गा वहन ,बीना बहन, रूपा वहन, मौसम बहन ,ब्रह्मा कुमार किशोर भाईजी इत्यादि सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे।




