शिक्षक एवं छात्राएं चिलचिलाती धूप में रहे खड़े,विद्यालय के कमरों में लटका रहा ताला।

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Report:-Neeraj Kumar

लाला कुंवर कन्या उच्च विद्यालय शोकहरा-2 बरौनी प्राचार्या की लापरवाही से अभिभावक एवं ग्रामीणों में आक्रोश।

बरौनी

ग्रीष्मावकाश के बाद बेगूसराय जिला के सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालय बुधवार 15 जून से प्रातः कालीन सत्र से विभागीय आदेश के साथ शुरुआत किया गया।वहीं तेघड़ा अनुमंडल अंर्तगत भी सभी उच्च एवं उच्चतर विद्यालय प्रातः कालीन सत्र से आरंभ हुआ।इस दौरान अनुमंडल क्षेत्र के शोकहारा दो पंचायत सह नवगठित बरौनी नगर परिषद का एकमात्र विद्यालय लाला कुंवर कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राएं एवं शिक्षक चिलचिलाती धुप में विद्यालय खुलने के समय 6:30 बजे दिन विद्यालय पहुंच कर खड़े रहे।लेकिन इस विद्यालय की प्राचार्या की संवेदनहीन रवैया कहा जाए कि विभागीय आदेश की अनदेखी करते हुए वह प्रातःकालीन विद्यालय सत्र संचालन के समय उपस्थित नहीं थी और ना ही विद्यालय के कमरे ही खोले गए।इस संबंध में शिक्षक राकेश कुमार ने बताया कि 23 मई से 14 जून तक ग्रीष्मावकाश की छुट्टी हुई थी।जिसके बाद बुधवार 15 जून को जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देशानुसार विद्यालय 6:30 बजे सुबह खोले जाने की सूचना थी।इसीलिए छात्राएं एवं शिक्षक नियत समय पर विद्यालय में उपस्थित हुए।उन्होंने कहा की प्रिंसिपल मैडम को जब फोन पर शिक्षक एवं छात्राओं के उपस्थिति होने एवं विद्यालय खोलने के बारे में भी बताया गया।तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यालय 9:30 से आरंभ होगी। जानकारी के मुताबिक ग्रीष्मावकाश जब दी गई थी तो विद्यालय का 15 जून से संचालन दिवाकालीन का सूचना अंकित है का हवाला प्राचार्या की ओर से दिया जा रहा है।जबकि राज्य सरकार,शिक्षाविभाग मंत्रालय एवं जिलाधिकारी बेगूसराय के निर्देश पर बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी ने तत्काल प्रातःकालीनविद्यालयसंचालनका निर्देश दिया था।जिसकी सूचना विभाग द्वारा विभिन्न विद्यालयों को तकनीकी माध्यम से दी भी गई।लेकिन शोकाहारा बरौनी लाला कुंवर कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या कुंदन झा के मनमानी के कारण शिक्षक एवं छात्राओं को विद्यालय कक्ष ना खुला होने के कारण घंटो कड़ी धूप में ही खड़े रहकर प्राचार्या के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे।वहीं प्राचार्या कुंदन झा के विद्यालय पहुंचने पर जब इस संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि जिस दिन ग्रीष्मावकाश के लिए विद्यालय में छुट्टी दी गई।उसी दिन 15 जून को 9:30 बजे से विद्यालय का संचालन किये जाने की विधिवत सूचना पुस्तिका में शिक्षकों के हस्ताक्षर अंकित हैं।और विद्यालय संचालन समय में किसी प्रकार के बदलाव का जिला शिक्षा विभाग एवं अनुमंडल शिक्षा विभाग कार्यालय से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुआ था।जिससे यह पता चल पाता कि विद्यालय का संचालन प्रातःकालीन सत्र में किया जाएगा।वहीं विद्यालय प्राचार्या की संवेदनहीनता के कारण छात्राओं के अभिभावक,ग्रामीणों एवं शिक्षकों में आक्रोश है।वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी बेगूसराय शर्मिला राय के निर्देशानुसार जिला अंतर्गत सभी मध्यमिक,उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य, प्रधानाध्यापक,प्रभारी प्रधानाध्यापक को सूचना अग्रसारित किया गया था कि ग्रीष्मावकाश के उपरांत 15 जून से 30 जून तक विद्यालय प्रातःकालीन संचालित होगा।एवं 01 जुलाई से दिवाकालीन का समय जो पूर्व से निर्धारित है के अनुसार विद्यालय संचालित होगा।साथ ही उन्होंनेे इस दिशा में कोई कोताही नहीं हो इसके लिए बेगूसराय जिला अंर्तगत सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को अपने स्तर से अपने अधीनस्थ प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाध्यापक को उक्त के आलोक में अनुपालन कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित विद्यालयों का किया निरिक्षण।

जिला शिक्षा पदाधिकारी बेगूसराय शर्मिला राय ने तेघड़ा प्रखण्ड बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था,शिक्षकों की उपस्थिति एवं बच्चों को दिये जाने वाले सरकार के निर्देश पर पोषक भोजन का निरिक्षण किया।बताते चलें कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ग्रीष्मावकाश नहीं होती है।हलांकि इस दौरान इस क्षेत्र के सभी विद्यालयों का संचालन नियमानुकूल प्राचार्य एवं शिक्षकों की उपस्थिति हो रही थी।वहीं तेघड़ा बीओ के द्वारा भी इन क्षेत्रों का निरिक्षण किया गया।

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