अरविंद कुमार की रिपोर्ट!
नीतीश सरकार द्वारा शराबबंदी को लेकर लागू किए गए नए संशोधित कानून के तहत मोतिहारी में विशेष न्यायाधीश उत्पाद ने सजा के बिंदू पर पहली बार फैसला सुनाया है। न्यायालय संख्या एक अरविंद कुमार शर्मा ने शराब पीने के आरोपी 15 अभियुक्तों को 2-2 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।अर्थदंड नहीं देने पर कोर्ट ने सभी अभियुक्तों को एक-एक माह की सजा सुनाई है।वहीं जेल में एक माह की सजा काट चुके शराब पीने वाले 6 अभियुक्तों को कोर्ट ने मुक्त कर दिया।
इस मामले में लोक अभियोजक उत्पाद अनिल कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में शराबबंदी का नया संशोधित कानून लागू होने के बाद उत्पाद न्यायाधीश ने शराब पीने के 19 केस की सुनवाई व अभियुक्तों के बयान के लिए 8 मार्च की तारीख निर्धारित की थी।जिसमें से जेल प्रशासन ने सिर्फ छह अभियुक्तों को हीं कोर्ट में हाजिर कराया। बाद में एसपी के हस्तक्षेप से कुल 15 लोग हीं कोर्ट में उपस्थित हो सके।जिनकी सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी पर 2-2 हजार रुपया का अर्थदंड का फैसला सुनाया।अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्तों को एक-एक माह की करावास की सजा अभियुक्तों को सुनाई है।
वैसे सजा का ग्राफ देखे तो पूरे बिहार में मोतिहारी सबसे औवल रहा है ।
बतादें कि शराब बंदी कानून में बदलाव के बाद विशेष उत्पाद कोर्ट ने 19 केस की एकसाथ सुनवाई करने के लिए शुक्रवार की तारीख निर्धारित की थी।लेकिन जेल प्रशासन ने कोर्ट में केवल 15 अभियुक्तों को ही उपस्थित कराया।कोर्ट ने सभी अभियुक्तों के मामले की सुनवाई कर नए कानून के तहत पहली बार सजा के बिंदू पर फैसला सुनाया है।जिसमें जेल में एक माह का सजा काट चुके शराब पीने के छह अभियुक्तों को कोर्ट ने मुक्त कर दिया है।वहीं शेष अन्य अभियुक्त अर्थदंड की राशि जमा नहीं करा पाने के कारण जेल में एक माह का सजा काटेंगे।
बाईट…..अनिल कुमार सिंह….लोक अभियोजक,उत्पाद




