दुमका-जलमीनार तीन सप्ताह से खराब.पेयजल किल्लत

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रामजी साह की रिपोर्ट

एक माह पुर्व मुख्यमंत्री नलजल योजना के तहत बनी

जोरिया का गंदा पानी पीने को विवश है बाबुपाटोजोरिया के ग्रामीण

रामगढ़(दुमका)

जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी के साथ ही पेयजल की किल्लत भी शुरू हो गई है| रामगढ़ के सभी पंचायतों में पेयजल स्वच्छता विभाग द्वारा पेयजल की समस्या से आम लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री नलजल योजना,नीर निर्मल परियोजना समेत अन्य योजनाओं से बनाए गए जलमीनार खराब हो गये है|प्रखंड में पेयजल की 70 प्रतिशत योजनाएं कई बर्षो से खराब है|विभाग या जनप्रतिनिधियों को इससे कोई मतलब नहीं है|जनप्रतिनिधि तथा पदाधिकारी लोगो की शिकायत गौर से सुनते हैं लेकिन वे आश्वासन के सिवा कुछ भी नही करते है|करोड़ों रुपये से बनी योजनाएं कई बर्षो से शोभा की बस्तु बन कर रह गई है|
कोआम पंचायत के बाबुपाटोजोरिया में पीएचडी विभाग द्वारा विगत एक माह पूर्व लाखो रुपये की लागत से मुख्यमंत्री नलजल योजना के तहत जलमीनार का निर्माण किया गया था| लेकिन दो दिन चलने के बाद जलमीनार खराब हो गई| जलसहिया संध की प्रखंड अध्यक्ष धनी बेसरा की अगुवाई में दर्जनों महिलाओं ने आज जमकर विरोध करते हुए उपायुक्त दुमका से जलमीनार मरम्मत कराने की मांग की है|अवसर पर धनी बेसरा रानी मरांडी ,अंजु किस्कु बेटी सोरेन ,काजल सोरेन,दुलाड हेम्ब्रम,माईनो हेम्ब्रम,नीलमुनी मरांडी, कार्नलिश मुर्मू आदि ग्रामीणो ने बताया की नव निर्मित जलमीनार एक महीने भी नही चला| तीन सप्ताह से खराब पड़ा हूआ है,जिसके कारण लोगो को जोरिया का गंदे पानी पीकर प्यास बुझानी पड़ रही है|लोगो ने प्रशासन से इस भीषण गर्मी को देखते हुए जल्द से जल्द ही जलमीनार के मरम्मत की मांग की है|बहरहाल बाबुपाटोजोरिया के सैकड़ों आदिवासी परिवार जोरिया का गंदा पानी पीने को विवश है|

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