बिहार में फिर एक अंग्रेज ज़माने का पुल ध्वस्त, मलबे में दबकर एक की मौत, चार की हालत नाजुक!

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रिपोर्ट – धर्मेंद्र कुमार

मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले के सिकरहना थाना क्षेत्र के भगवतपुर भलुआहिया गांव में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। कछुआ नदी पर अंग्रेजों के जमाने में बना पुराना पुल अचानक ध्वस्त हो गया। इस हादसे में मलबे में दबकर एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को ढाका अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

मिली जानकारी के अनुसार, कुछ लोग घास काटने के लिए पैदल जा रहे थे। इसी दौरान वे कछुआ नदी पर बने पुराने पुल से गुजर रहे थे। तभी अचानक पुल का एक हिस्सा धंस गया और देखते ही देखते पुल का हिस्सा टूटकर नीचे गिर पड़ा। पुल पर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वे मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य में जुट गए।

सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही सिकरहना थानाध्यक्ष गोपाल कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। हादसे में एक व्यक्ति की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि घायलों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रेस्क्यू टीम भी हादसे की चपेट में

हादसे के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए पहुंची रेस्क्यू टीम भी दुर्घटना की चपेट में आ गई। हालांकि, राहत की बात रही कि टीम के सदस्य बाल-बाल बच गए और कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। इस घटना ने राहत-बचाव कार्य के दौरान भी जोखिम की स्थिति पैदा कर दी।

पुराने पुलों की सुरक्षा और रखरखाव पर उठे सवाल

अंग्रेजों के जमाने में बने पुल के अचानक ध्वस्त होने के बाद उसकी मजबूती, देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इस पुल का इस्तेमाल लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए आवागमन में करते थे। ऐसे में पुल का अचानक गिरना जानलेवा साबित हुआ। अब सवाल उठता है कि क्या पुल की जर्जर स्थिति का पहले से आकलन किया गया था? क्या इसकी मजबूती की समय-समय पर जांच होती थी? हादसे के बाद क्षेत्र के पुराने पुलों की सुरक्षा की जांच और जिम्मेदारी तय करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

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