सचिन केजरीवाल की रिपोर्ट
भुगतान नहीं होने से एजेंटों की जान को निवेशकों से खतरा
कल शनिवार को जमाकर्ताओं की ओर से दिया जाएगा कार्यालय में धरना
साहिबगंज
गरीबों का पैसा जमा करवा कर अब सहारा इंडिया उनका भुगतान करने में आना कानी कर रहा है|सैकड़ों- हजारों जमाकर्ताओं के पैसों की मैच्योरिटी पूरी हुए दो से ज्यादा वर्षों का समय हो गया है मगर सहारा के साहिबगंज कार्यालय से जमाकर्ताओं का भुगतान नही किया जा रहा है| पैसा मांगने कार्यालय पहुंचे अपने जमाकर्ताओं को कार्यालय सिर्फ समय दे रहा है मगर भुगतान के नाम पर कुछ भी नही दे रहा है। आज भी सहारा कार्यालय में अपना पैसा मांगने पहुंचे जमाकर्ताओं को कार्यालय की तरफ से जब भुगतान के बदले अगली तारीख तक का समय दिया गया तो जमाकर्ताओं ने कार्यालय में हंगामा करना शुरू कर दिया, और इस लेट लतीफी की वजह जाननी चाही| मगर कार्यालय में पिछले कई महीनों से प्रबंधक का पद खाली पड़े रहने की वजह से उन्हे कोई संतोषनक जवाब नही मिला है|सबसे ताज्जुब की बात ये है की सहारा को आम नागरिक एक बैंक समझते हैं, जिसे की उसके कार्यकर्ताओं द्वारा समझाया गया है, और बिना प्रबंधक के ये बैंक पिछले कई महीनों से चल रहा है| इस पर सहारा की कार्यशैली पर एक और प्रश्नचिन्ह लगता है। आज अपना भुगतान प्राप्त करने सहारा कार्यालय पहुंचे जमाकर्ताओं ने जब कार्यालय का वर्तमान में कार्यभार सम्हाल रहे मिथिलेश घोष, आशीष कुमार, राहुल कुमार पांडे से भुगतान के संबंध में पूछा तो वे सवालों से बचते नजर आए, उन्होंने कहा कि बैंक में आप लोगों को भुगतान देने के लिए पैसा नहीं है| जब पैसा आएगा भुगतान कर दिया जाएगा|इससे आगे की किसी भी जानकारी को देने में इन लोगों ने अपनी असमर्थता प्रगट की| अब सवाल ये उठता है की जब निवेशकों के भुगतान के लिए सहारा के पास पैसे नहीं हैं तो कार्यालय खुला क्यों है| मतलब साफ है कार्यालय में नए जमाकर्ताओं का पैसा जमा किया जा रहा है| मगर पुराने निवेशकों का भुगतान नही किया जा रहा है| इधर मामले को ले कर सहारा के रीजनल मैनेजर केशव झा से जब टेलिफोनिक बात की गई तो उन्होंने टरकाने वाला जवाब देते हुए कहा की हो सकता है सभी निवेशकों का वर्ष 2022 में भुगतान करवाया जाएगा, मतलब उनके द्वारा भी निवेशकों को सिर्फ आश्वासन ही दिया गया है। इस मामले में भी एक पेंच ये है की जब कोई निवेशक अपनी समस्या को ले कर रीजनल मैनेजर को फोन करता है तब उनका फोन नही उठता है मगर जब कार्यालय द्वारा फोन किया जाता है तब उनका फोन जरूर उठता है| ये भी अपने आप में एक खामी उजागर करने वाला मामला है। कुल मिला कर अगर देखा जाए तो भुगतान करने के मामले में बैंक की नियत ठीक नही है| क्योंकि बिना एजेंट को साथ लिए भुगतान की मांग करने बैंक पहुंचे निवेशकों को कार्यालय में कार्यरत स्टाफ कहते है भुगतान एजेंट द्वारा किया जाएगा, क्योंकि पैसा एजेंट ने दिया है|उधर इस बात के जवाब में नाम न छपने की शर्त पर एजेंटों का कहना है की हमने पैसा सहारा को जमा कर उसकी रसीद अपने जमाकर्ताओं को सुपुर्द कर दी है, इस लिए भुगतान की जिम्मेदारी अब सहारा की है और वो अपनी जिम्मेदारियों से मुकर रहा है, जिसकी वजह से उन्हे आए दिन अपने जमाकर्ताओं द्वारा बेइज्जत होना पड़ रहा है, और उनके साथ बदसलूकी भी की जाती है| साथ ही कई एजेंटों ने यहां तक बताया की उनके द्वारा जमा की गई रकम का भुगतान नही होने पर उन्हे उनके निवेशकों द्वारा मारने की भी धमकी दी जा रही है। कुल मिला कर अगर देखा जाए तो सहारा की नियत ठीक नही लग रही है, या ये कहे की सहारा अब अपने निवेशकों को भुगतान नही करना करना चाहती है तो भी ये गलत नही होगा, और इस बात को ले कर निवेशकों में आज काफी नाराजगी देखी गई है।
सबसे बड़ी बात भुगतान कब होगा इस बात की कोई सटीक जानकारी तक उपलब्ध करवाने में साहिबगंज सहारा बैंक की शाखा के स्टाफ मिथलेश घोष, आशीष कुमार, राहुल कुमार पांडे इत्यादि को नही है, जो की निवेशकों के जमा पैसों के डूबने का संकेत दे रहा है। इधर बैंक कर्मी बैंक में काम तो रोजाना कर रहे हैं, और भुगतान मांगने आए निवेशकों को टरका भी रहें है मगर आज जब मामला गर्म हुआ तो उन्होंने अपना पल्ला झाड़ते हुए स्पष्ट कहा की सहारा बैंक की नीतिगत खामियों की वजह से निवेशकों को आज यह परेशानी हो रही है, और इसका कोप भाजन हम लोगों को आए दिन बनना पड़ता है, पर सवाल फिर वही है की कार्यालय में ये लोग करते क्या हैं, जब भुगतान नही किया जा रहा है तो, मतलब ये अंदर से सहारा के लिए और पैसों की उगाही कर रहें हैं और मैच्योरिटी पूर्ण हो चुके निवेशकों की रकम की एक स्कीम से दूसरे स्कीम में ट्रांफर कर रहे हैं। आज भी अपना भुगतान पाने सहारा कार्यालय पहुंचे जमाकर्ताओं को हमेशा की तरह निराश ही वापस लौटना पड़ा, पर आज बैंक पहुंच सभी निवेशकों ने एकमत होकर कल शनिवार को सहारा बैंक के नीचे एक दिवसीय धरना देने की बात कही है, और इसके लिए सभी जमाकर्तों को वहां उपस्थित रह कर अपनी आवाज को उच्चाधिकारियों तक पहुंचने की अपील की है, इस धरना कार्यक्रम के लिए सभी निवेशकर्ता कल अपराहन 12:00 बजे से साहिबगंज सहारा बैंक पहुंचेंगे।
जिसके बाद इस धरने में सभी निवेशक उपस्थित होकर आपस में विचार विमर्श करेंगे एवं एक हफ्ते में भुगतान नहीं होने की स्थिति में कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे। निवेशकों ने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर जल्द भुगतान नहीं किया गया तो सहारा बैंक कर्मियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। मतलब अब भुगतान नही किए जाने की स्तिथि में बैंक कार्यालय का स्टाफ टाल मटोल नही कर सकता है, अब देखने वाली बात ये है की मामले को ले कर निवेशकों के इस कदम पर सहारा क्या रुख अपनाता है। क्योंकि अपनी जिम्मेदारियों से सहारा पीछे हट नही सकता है जैसा कि फिलहाल दिख रहा है, वहीं मामले में प्रशासन का रुख भी देखने वाला होगा।




