गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने के लिये मंत्री संजय कुमार ने SIP पोर्टल का किया उद्घाटन!

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रिपोर्ट – अमित कुमार

Sugarcane Investment Promotion Portal यानी SIPP पोर्टल का औपचारिक उद्घाटन किया। राज्य सरकार ने इस पोर्टल को गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को सरल बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया है। लॉन्च के समय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गन्ना क्षेत्र से जुड़े उद्यमी भी मौजूद रहे।

मंत्री संजय कुमार ने कहा कि लंबे समय से निवेशकों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि प्रक्रियाएं जटिल हैं और जानकारी बिखरी हुई मिलती है। SIPP पोर्टल इसी समस्या का समाधान है। अब कोई भी निवेशक घर बैठे पोर्टल पर जाकर यह देख सकेगा कि गन्ना आधारित उद्योग लगाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए, कहां आवेदन करना है, कितनी सब्सिडी मिलेगी और किस विभाग से अनुमति लेनी होगी। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी जिससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार को चीनी, इथेनॉल और शीरा आधारित उत्पादों का हब बनाया जाए।

इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एकल खिड़की प्रणाली की तरह काम करेगा। पहले निवेशक को राजस्व, उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण और श्रम विभाग के अलग-अलग चक्कर लगाने पड़ते थे। अब SIPP पर रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन सीधे संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगा और उसकी स्थिति भी निवेशक ट्रैक कर सकेगा। साथ ही पोर्टल पर गन्ना उत्पादन वाले जिलों का नक्शा, कच्चे माल की उपलब्धता, बाजार की मांग और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। इससे नए उद्यमियों को निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

मंत्री संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार गन्ना उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है लेकिन अब तक मूल्य संवर्धन की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। SIPP के जरिए जब नए उद्योग लगेंगे तो किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। चीनी मिलों के अलावा इथेनॉल प्लांट, को-जेनरेशन, बायो फर्टिलाइजर और पैकेजिंग इकाइयों में निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पलायन की समस्या पर भी कुछ हद तक नियंत्रण लगेगा।

सरकार का मानना है कि युवा उद्यमियों के लिए यह पोर्टल एक बड़ा अवसर है। पोर्टल पर स्टार्टअप के लिए विशेष सेक्शन बनाया गया है जहां कम पूंजी में शुरू होने वाले लघु उद्योगों की जानकारी और वित्तीय सहायता के विकल्प दिए गए हैं। विभाग ने यह भी तय किया है कि हर आवेदन का निपटारा तय समय सीमा में किया जाएगा ताकि निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े।

SIPP पोर्टल के लॉन्च को गन्ना किसान और उद्योग जगत दोनों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि अगर इसे जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू किया गया तो बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों का नया दौर शुरू हो सकता है।

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