रिपोर्ट :- संतोष चौहान!
सुपौल के ऐतिहासिक तिलहेश्वरनाथ महादेव मंदिर से दिनदहाड़े शिवलिंग का चांदी का मेठ चोरी, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मंदिर में दुस्साहसिक वारदात से श्रद्धालुओं में आक्रोश,16 में से 12 सीसीटीवी कैमरे मिले चालू, तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज
सुपौल :- सदर थाना क्षेत्र के सुखपुर गांव स्थित ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध तिलहेश्वरनाथ महादेव मंदिर में शनिवार की दोपहर हुई चोरी की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। चोरों ने दिनदहाड़े मंदिर परिसर में प्रवेश कर शिवलिंग पर स्थापित चांदी का मेठ चोरी कर लिया और फरार हो गए। धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र में हुई इस दुस्साहसिक वारदात से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। घटना के बाद मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु जुट गए तथा प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
मंदिर के पुजारी आशीष कुमार ने बताया कि जब नियमित पूजा-पाठ के दौरान शिवलिंग की ओर ध्यान गया तो उस पर चढ़ा चांदी का मेठ गायब मिला। पहले काफी खोजबीन की गई, लेकिन जब उसका कोई पता नहीं चला तो चोरी की आशंका जताते हुए स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंच गए।
घटना की जानकारी मिलते ही सदर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना करते हुए आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। बाद में अनुमंडल पदाधिकारी मनोहर कुमार साहु तथा सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजीव रंजन भी मंदिर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्गों तथा सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि मंदिर परिसर में कुल 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 12 कैमरे चालू स्थिति में कार्य कर रहे थे, जबकि चार कैमरे बंद पाए गए। हालांकि पुलिस को तत्काल फुटेज देखने में तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि कैमरों का पासवर्ड संबंधित तकनीकी मिस्त्री के पास था। आवश्यक तकनीकी सहायता मिलने के बाद पुलिस ने उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि कैमरों में संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियां कैद हुई होंगी, जिससे चोरों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच केवल सीसीटीवी फुटेज तक सीमित नहीं रखी गई है। तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के साथ-साथ आसपास के लोगों से पूछताछ, संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों और अन्य संभावित सुरागों पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है। जांच टीम को उम्मीद है कि जल्द ही चोरी की इस घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
तिलहेश्वरनाथ महादेव मंदिर क्षेत्र का एक अत्यंत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। सावन माह, महाशिवरात्रि तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल में दिनदहाड़े चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मंदिर परिसर में सभी सीसीटीवी कैमरे पूरी तरह सक्रिय रहते और सुरक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत होती तो संभवतः इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।
घटना के बाद मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मंदिर परिसर में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। लोगों ने कहा कि मंदिर जैसे आस्था के केंद्रों पर नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए, सभी सीसीटीवी कैमरों को हर समय चालू रखा जाए तथा उनकी समय-समय पर तकनीकी जांच भी हो। इसके अलावा मंदिर में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की भी मांग की गई ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाएं केवल संपत्ति की हानि नहीं होतीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं से भी जुड़ी होती हैं। इसलिए इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह की घटना को अंजाम देने का साहस न कर सके।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच में जुटी हुई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले का शीघ्र खुलासा कर चोरी में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पूरे इलाके के लोग अब पुलिस जांच के परिणाम और आरोपियों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हैं।




