रिपोर्ट – पंकज कुमार!
जहानाबाद जिले में क्राईम का ग्राफ दिन प्रतिदिन पर बढ़ता जा रहा है लगातार बढ़ रहे पर लगाम लगाने के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है लेकिन क्राईम रुकने का नाम नहीं ले रहा है ताजा मामला जहानाबाद के घोसी थाना क्षेत्र का है जहां जहानाबाद में शनिवार की दिनदहाड़े अवैध रूप से बालू खनन को लेकर 2 पक्षों के बीच लगभग 20 राउंड फायरिंग हुई। इस दौरान एक पक्ष के 5 और दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के पेट, पैर और सीने में गोली लगी है। यह घटना घोसी थाना क्षेत्र के चैतीपीपर और गिजी गांव के लोगों में हुई।
घायलों को इलाज के लिए घोसी पीएससी में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वहीं धीरज कुमार के सीने में गोली लगी थी। उनके गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटना पीएमसीएच रेफर किया गया है। इसके अलावा चैतीपीपर गांव के दिनेश राम के पैर मे ,अजय राम के पेट मे, सुधीर राम के पैर मे, विजय राम को भी गोली लगी है। गिजी गांव के विष्णु कुमार भी इस घटना में घायल हुए हैं। बता दें कि जहानाबाद में बीते 4 साल पहले ही बालू खनन पर रोक लगा दिया गया है। इसके बावजूद चैतीपीपर और गिजी गांव के लोग लगातार अवैध खनन कर बालू को बेचने का काम करते है। दोनों गांवों के बीच कई महीनों से बालू खनन के लिए क्षेत्र निर्धारित करने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बात पर आज भी कहासुनी हुई, जिसके बाद गोलीबारी की घटना हुई। घायल अजय कुमार ने बताया कि वे अपने दरवाजे पर बैठे थे, तभी अचानक गोली चलने की आवाज आई। जैसे ही वे घर से बाहर निकले, उन्हें गोली लग गई। गांव के लोगों ने बताया कि गोली की आवाज सुनकर लगा फटाका फुट रहा है
वहीं, गांव के ही रूबी देवी का कहना है कि अचानक से
20 -25 लोग आए और फायरिंग करने लगे। आवाज सुनकर लग रहा था फटाका फुट रहा है। देखने के लिए जैसे ही मैं बाहर गई गोली मेरे सिर से टकरा कर गुजर गई। वहीं मेरे चिल्लाने पर
घर के बाकी लोग बाहर निकले, जिससे उन्हें भी गोली लग गई।
पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। थाना अध्यक्ष शैलेश कुमार घटनास्थल पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।
एसडीपीओ कृति कमल ने बतायी कि बालू उठाव को लेकर 2 पक्षों में हुए विवाद में फायरिंग हुई
है, जिसमें 6 लोगों को गोली लगने की सूचना मिली है। घटनास्थल पर थानाध्याक्ष समेत अन्य अधिकारी जांच के लिए पहुंच रहे है। जांच में जो भी चिन्हित या अज्ञात दोषी पाए जाएगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। अब सवाल यह उठता है कि जब बालू के उठाओ पर पूर्ण रूप से सरकार के द्वारा पाबंदी लगा दी गई है ऐसी स्थिति में अवैध रूप से दिन के उजाले में बालू की निकासी कैसे हो रही थी




