रिपोर्ट- मिथुन कुमार सिंह!
नालंदा जिले के रहुई प्रखंड कार्यालय परिसर से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साक्षरता मिशन के तहत संचालित राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षण संस्था यानी NIOS के सैकड़ों अहम दस्तावेज कूड़े के ढेर में फेंके मिले हैं। इन दस्तावेजों में नवसाक्षरों के नामांकन फॉर्म, उत्तर पुस्तिकाएं, प्रगति पत्र और प्रमाण पत्र शामिल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ये दस्तावेज वर्ष 2014-15 बैच के हैं, जिनमें महिलाओं और बुजुर्ग शिक्षार्थियों की निजी जानकारी भी मौजूद है। स्थानीय लोगों ने जब प्रखंड कार्यालय के पीछे कूड़े में ये कागजात बिखरे देखे तो इलाके में हड़कंप मच गया। बारिश में भीगकर कई दस्तावेज खराब हो रहे थे।
स्थानीय निवासी पप्पू कुमार ने कहा कि इतने अहम कागजात खुले में फेंक देना बेहद गंभीर मामला है। कोई भी इनका गलत इस्तेमाल कर सकता है। वहीं साक्षरता प्रेरक उपेंद्र यादव ने बताया कि गांव-गांव जाकर बुजुर्गों और महिलाओं का नामांकन कराया जाता है, लेकिन अब उनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
बरांदी गांव की शिक्षार्थी मीना देवी ने कहा कि उन्हें प्रमाण पत्र मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब उनके कागजात ही कूड़े में पड़े मिले हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बीडीओ से जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन ने दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की बात कही है और जांच शुरू कर दी गई है।




