बेगूसराय- डीएम ने किसानों के हित में हरित खाद के प्रोत्साहन को लेकर किया अहम बैठक!

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:- रवि शंकर अमित!

बेगूसराय जिले में हरित खाद के निर्माण एवं उसके प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभागार में आयोजित बैठक में हरित खाद के उत्पादन, उसके उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा किसानों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में जीविका, बेगूसराय के जिला परियोजना प्रबंधक श्री अविनाश कुमार ने हरित खाद उत्पादन, विपणन एवं उपयोग से संबंधित प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जिले के सभी 217 पंचायतों में 2780 किसान दीदियों द्वारा हरित खाद का निर्माण, विपणन एवं उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 5253 मीट्रिक टन हरित खाद का उत्पादन किया जा चुका है, जिसमें से 5010 मीट्रिक टन का उपयोग भी किया गया है। बैठक का विषय प्रवेश जीविकोपार्जन विशेषज्ञ ओम कश्यप द्वारा कराया गया।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में युद्ध एवं अन्य कारणों से उर्वरकों की उपलब्धता को देखते हुए हरित खाद एक महत्वपूर्ण और टिकाऊ विकल्प के रूप में सामने आता है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते हरित खाद के निर्माण एवं उपयोग को व्यापक स्तर पर बढ़ावा दिया जाए, तो उर्वरक की संभावित कमी की स्थिति से काफी हद तक निपटा जा सकता है।

जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जीविका दीदियों के माध्यम से गांव-गांव में हरित खाद के निर्माण एवं उपयोग को बढ़ावा दिया जाए, जिससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिले एवं इसमें लागत भीन के बराबर है। साथ ही उन्होंने हरित खाद निर्माण में संलग्न जीविका दीदियों की संख्या बढ़ाने तथा इसके लिए आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता हर स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय पर प्राप्त किया जा सके।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने मनरेगा के तहत जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि जीविका दीदियों द्वारा योजनाओं का प्रस्ताव तैयार कराया जाए, जिसमें विशेष रूप से गाय शेड और बकरी शेड जैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए, ताकि ग्रामीण आजीविका को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक उद्यान, सहायक निदेशक रसायन (मिट्टी जांच प्रयोगशाला), सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधक तथा जीविका के जिलास्तरीय विषयगत प्रबंधक सहित अन्य प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीसी के माध्यम से भाग किया।

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