उपभोक्ताओं के हित में डीएम का बड़ा फैसला, रविवार को भी खुले रहेंगे सभी गोदाम!

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रिपोर्ट- संतोष तिवारी

आदेश का उल्लंघन करने पर बैंक गारंटी/ सिक्युरिटी मनी होंगे जब्त और एग्रीमेंट रद्द एवं ब्लैक लिस्टिंग की भी होगी कठोर कार्रवाई

डीएम एसएफसी/ डीएसओ/ दोनों एसडीओ को प्रभावी मॉनिटरिंग कर 31 मार्च तक 100% उठाव सुनिश्चित कराने का मिला टास्क

मुजफ्फरपुर
28 मार्च, 2026

जिले में उपभोक्ताओं को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न की नियमित एवं निर्वाध आपूर्ति सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी द्वारा लगातार प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने खाद्यान्न वितरण प्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित पदाधिकारियों एवं संवेदकों के प्रति कड़ा रुख अख्तियार किया है।

जिलाधिकारी द्वारा प्रखंडवार खाद्यान्न उठाव की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कई स्थानों पर संवेदकों द्वारा निर्धारित समय पर नियमित रूप से खाद्यान्न का उठाव नहीं किया जा रहा है। इस स्थिति को अत्यंत गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने रविवार को भी प्रातः 7 बजे से सभी संबंधित गोदामों को खुला रखने तथा परिवहन अभिकर्ताओं को समय से गोदाम पर वाहन उपलब्ध रखते हुए उठाव करने का सख्त निर्देश दिया है, ताकि बिना किसी विलंब के खाद्यान्न का उठाव सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम तथा जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि गोदामों पर आवश्यकतानुसार वाहनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी सहायक महाप्रबंधकों (AGM) एवं आपूर्ति पदाधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि वे स्वयं उपस्थित रहकर खाद्यान्न उठाव की प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी करें और किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने दें।
जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी पूर्वी एवं पश्चिमी को भी अपने-अपने अनुमंडलीय क्षेत्र में खाद्यान्न उठाव एवं वितरण प्रणाली की सघन एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि गोदामों से खाद्यान्न का समय पर उठाव कर उसे जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक शीघ्र पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभुकों को समय पर नियमित रूप से खाद्यान्न प्राप्त हो सके।

डोर स्टेप डिलीवरी (DSD) प्रणाली के अंतर्गत कार्यरत सभी परिवहन अभिकर्ताओं को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों एवं दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई संवेदक आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। वैसे परिवहन अभिकर्ता को चिन्हित करते हुए उनका 20 लाख रुपये की बैंक गारंटी एवं 30 लाख रुपये की सिक्युरिटी डिपॉजिट जब्त कर ली जायेगी । साथ ही वैसे परिवहन अभिकर्ता का एग्रीमेंट समाप्त करते हुए ब्लैकलिस्टिंग की सख्त कार्रवाई की जायेगी।

खाद्यान्न की कालाबाजारी को लेकर भी जिलाधिकारी ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या संस्था को किसी भी परिस्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। इस संदर्भ में उन्होंने बैंक प्रबंधक, एसएफसी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी तथा दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को सतत एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि कालाबाजारी के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए डोर स्टेप डिलीवरी से जुड़े परिवहन अभिकर्ता “अशोक इंटरप्राइजेज” के चार व्यक्तियों के विरुद्ध गायघाट अंतर्गत बेनीबाद थाना में 14 मार्च को ही कांड संख्या 43/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी की सख्ती और पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

जिलाधिकारी ने खाद्यान्न उठाव से लेकर परिवहन, वितरण एवं निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने पर विशेष बल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी खाद्यान्न के एक-एक दाना पर गरीब एवं जरूरतमंदों का अधिकार है और इसके साथ किसी भी प्रकार की अनियमितता या हेराफेरी गंभीर अपराध है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सरकारी योजनाओं के अंतर्गत खाद्यान्न के उठाव, परिवहन एवं वितरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं मानक अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली का प्रभावी उपयोग कर प्रत्येक चरण की निगरानी की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की तुरंत पहचान कर त्वरित प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

विद्यालयों एवं अन्य लाभार्थी संस्थानों को आपूर्ति किए जाने वाले खाद्यान्न के संदर्भ में भी जिलाधिकारी ने भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी टीपीडीएस गोदामों से विद्यालयों तक खाद्यान्न आपूर्ति की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही मध्याह्न भोजन योजना के तहत उपयोग किए जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता एवं मात्रा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत वितरित खाद्यान्न सीधे तौर पर बच्चों एवं गरीब वर्ग के पोषण से जुड़ा हुआ है। ऐसे में इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या कालाबाजारी को किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

उन्होंने जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के सभी संबंधित अधिकारियों, आपूर्ति तंत्र से जुड़े कर्मियों तथा विद्यालय प्रबंधन समितियों को आगाह करते हुए निर्देश दिया कि खाद्यान्न वितरण की प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जाए। विद्यालयों में खाद्यान्न प्राप्ति एवं उपयोग से संबंधित अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने परिवहन व्यवस्था, वितरण प्रणाली एवं निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए औचक निरीक्षण, भौतिक सत्यापन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसे उपायों को नियमित रूप से अपनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि इन उपायों के माध्यम से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पूर्णतः पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाया जाएगा।

जिलाधिकारी द्वारा उठाए गए इन कठोर एवं प्रभावी कदमों से आम उपभोक्ताओं को खाद्यान्न की नियमित रूप से समयबद्ध निर्बाध एवं पारदर्शी आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। इस पहल एवं सख्ती से न केवल वितरण व्यवस्था में सुधार आएगा, बल्कि कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

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