आरा से चलकर गांधी स्मृति यात्रा आरा से बनारस प्रयागराज तक जाएगी!

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रिपोर्ट अनमोल कुमार

आरा। 22 फरवरी को आरा से चल कर गांधी स्मृति यात्रा बनारस होते हुए 5:00 बजे संध्या प्रयागराज पहुंचा।22 फरवरी की संध्या 23 फरवरी विभिन्न स्थलों चार बैठकें हुई। उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष राम धीरज जी की अध्यक्षता में गांव ,किसानी आदि सवाल पर प्रश्न रखा गया।
यात्री दल में प्रोफेसर मनोज कुमार, विजय कुमार, चंद्रभूषण, और सीमा कुमारी शामिल है। यह यात्रा 22 फरवरी से 2 मार्च तक विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करेगी। चंद्रभूषण जी ने यात्रा का उद्देश्य बताते हुए कहा कि,महात्मा गांधी से जुड़े स्थलों के ऐतिहासिक तथ्यों का संकलन, उनके आगमन से संबंधित स्थानीय संस्मरण के बारे में जानकारी प्राप्त करना, जन स्मृतियों का दस्तावेजीकरण, स्थानीय साथियों की सक्रिय टीम गठित करने का प्रयास, गांधी स्मृति स्थलों का संरक्षण, शांति सद्भावना एवं सामाजिक चेतना से जुड़े कार्यक्रम प्रारंभ हो सके, इस दिशा में प्रयास तथा गांधी जी के आगमन से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियों पर चर्चा आयोजित करना विजय कुमार जी ने बताया कि गांधी स्मृति यात्रा में गांधी जी की विरासत खादी और विनोबा की विरासत भूदान को पुनः प्रतिष्ठित करना, युवाओं को प्रेरित करना, गांव और किसान, सामाजिक संस्थाओं को एक साथ लाना तथा गांधी जी के मूल्यों और आदर्शों से युवा पीढ़ी को अवगत कराना है। गांधी
प्रयागराज 15 बार आए। गांधी जी के इलाहाबाद आगमन के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रोफेसर मनोज ने बिस्तर से प्रकाश डाला।
बैठक में प्रसून कुमार मिश्रा , शिवम कुमार राहुल कुमार अवनीश यादव अनीता सिंह रामबाबू तिवारी डॉ राधेश्याम यादव सीता यादव डॉक्टर नरेंद्र दिवाकर,
यात्री दल डॉ राधेश्याम यादव के साथ मेंजा विकासखंड के खूंटा गांव पहुंची। स्थानीय इतिहास वहां के पंडित रामप्रसाद पांडे, प्रेम शंकर द्विवेदी आदि ने बताया। यहां गांधी चबूतरा मौजूद था। 2023में इसे उखाड़ दिया गया लंबी कहानी लोगों ने बताई। इससंबंध में इस संबंध में इतिहास संकलित करने की जरूरत महसूस की गई।
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र में अनौपचारिक चर्चा मौजूद शिक्षकों से हुई इसमें प्रोफेसर अखिलेश कुमार दुबे डॉक्टर मिथिलेश तिवारी डॉक्टर अवंतिका शुक्ला डॉक्टर अख्तर आलम डॉक्टर सुप्रिया पाठक और डॉक्टर हरप्रीत कौर मौजूद थे। भारत में गांधी की उपस्थिति और उनके स्मृति स्थलों के दस्तावेजी करण में शिक्षकों से सहयोग की अपील की गई। इसके उपरांत यात्री दल कानपुर के लिए प्रस्थान किया।
इस तरह आगरा, अजमेर, जोधपुर, जयपुर, अलीगढ़, लखनऊ होते यात्रा का 2 मार्च को आरा में समापन होगा।

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