:- रवि शंकर अमित!
जिला पदाधिकारी, बेगूसराय, श्री श्रीकांत शास्त्री (भा.प्र.से.) द्वारा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभुकों को अनिवार्य रूप से आधार आधारित जीवन प्रमाणीकरण (लाइफ ऑथेंटिकेशन) कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मृत पेंशनधारियों की पहचान कर उन्हें डेटाबेस से हटाना तथा वास्तविक लाभुकों को निरंतर योजना का लाभ उपलब्ध कराना है।
जिला पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जीवन प्रमाणीकरण की सुविधा कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है और यदि किसी केंद्र द्वारा शुल्क की मांग की जाती है तो उसके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अति वृद्ध, दिव्यांग अथवा शैय्याग्रस्त पेंशनधारियों के लिए सीएससी प्रतिनिधियों द्वारा घर जाकर बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। फिंगरप्रिंट से प्रमाणीकरण संभव नहीं होने की स्थिति में आईरिस के माध्यम से प्रमाणीकरण किया जाएगा।
साथ ही प्रत्येक पंचायत में कम से कम तीन दिवसीय विशेष शिविर आयोजित कर विकास मित्र, टोला सेवक, पंचायत सचिव एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से छूटे हुए लाभुकों का प्रमाणीकरण कराया जाएगा।
जिले में कुल 3,11,447 पेंशनधारियों में से अब तक 2,07,186 लाभुकों का जीवन प्रमाणीकरण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 1,04,261 लाभुकों का प्रमाणीकरण अभी लंबित है तथा 2,997 पेंशनधारियों का आधार मैपिंग शेष है। जिन पेंशनधारियों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है, उन्हें शीघ्र आधार केंद्र पर जाकर आधार बनवाने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रखंड कार्यालय में जमा करने का अनुरोध किया गया है। जन्म तिथि अथवा अन्य तकनीकी त्रुटियों की स्थिति में लाभुक बैंक पासबुक, आधार कार्ड एवं स्वीकृति पत्र के साथ सुधार हेतु आवेदन कर सकते हैं।पेंशनधारी अपने निकटतम पंचायत भवन या प्रखंड कार्यालय के सूचना पट्ट पर प्रमाणीकरण हेतु लंबित सूची भी देख सकते हैं।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी पात्र पेंशनधारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।




