हठधर्मिता संत की पहचान नहीं – पीठाधीश्वर श्यामानंद जी महाराज!

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रिपोर्ट अनमोल कुमार

पटना। अंतर्राष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच के राष्ट्रीय महासचिव (भारत) पीठाधीश्वर सह वरीय पत्रकार स्वामी श्यामानंद जी महाराज ने कहा है कि है हठधर्मिता संतों का आचरण नहीं हो सकता। प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर पर हुए हमला सनातन पर घातक प्रहार है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद ने इस हमले को लेकर पुलिस में जो शिकायत दर्ज कराया है प्रयागराज पुलिस को त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को अविलंब गिरफ्तार किया चाहिए।
पीठाधीश्वर स्वामी श्यामानंद जी महाराज ने अविमुक्तेश्वरानंद और प्रयागराज मेला प्रशासन के बीच हुए विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद को अपनी हठ धर्मिता छोड़कर संगम स्नान कर मामले की इतिश्री कर देनी चाहिए। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस प्रकरण पर पहले ही खेद प्रकट कर अविमुक्तेश्वरानंद से माफी मांग चुके हैं।
स्वामी श्यामानंद ने कहा कि प्रयागराज प्रशासन ने भगदड़ की संभावना को देखते हुएआम अवाम को जो संगम स्थान करने आए थे उनकी जान बचाने के लिए अपना कर्तव्य निभाया। स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद के साथ के सैकड़ो समर्थकों को प्रतिबंधन क्षेत्र में जाने से रोका। यह प्रयागराज प्रशासन की ड्यूटी थी जिसे उन्होंने बड़े ही मुस्तादी से निभाया। स्वामी अवि मुक्तेश्वरानंद ने 500 मीटर पैदल चलने को अपने प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया । यही से जो विवाद खड़ा हुआ है वह आज संपूर्ण विश्व में सनातन प्रेमियों के लिए पीड़ा दायक है।
इसमें कोई दो राय नहीं की स्वामी अवीमुक्तेश्वरानंद ने ना तो संत धर्म का पालन किया और न हीं हजारों लोगों की जान की परवाह की। जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल के एक सदस्य और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अविमुक्तेश्वरानंद से क्षमा प्रार्थना कर चुके तो फिर इस मामले को तूल देना और इसकी आड़ में अपनी रोटी सेकना ह कहीं से ना तो धर्म संगत है और नहीं न्याय संगत।
स्वामी श्यामानंद ने कहा अविमुक्तरा नंद के शिविर पर मुट्ठी भर लोगों के द्वारा रात में हल्ला हंगामा और शोर मचाना धर्मानुकूल नहीं हो सकता। सनातन धर्म ऐसी कार्रवाई की इजाजत नहीं देता। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बदनाम करने के लिए उपद्रवियो ने उनका नाम लिया है। कई दशक पूर्व बंगाल में कुछ इसी तरह के राजनीति होती थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु कोको बदनाम करने के लिए गैर वामपंथी लोग प्रदर्शन धरना प्रदर्शन करते थे और उसे समय के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु का जिंदाबाद नारा लगाते थे।
श्यामानंद जी ने कहा कि बसंत पंचमी के दिन शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद द्वारा संगम स्नान किए जाने की प्रक्रिया को भी है ध्यान में रखा जाना चाहिए। जहां उन्होंने प्रयागराज मेला प्रशासन की बात को माना और चलने में असमर्थ होने पर ट्राई साइकिल से घाट तक गए। उन्होंने अभी विविधता सदानंद से तत्काल अपना आंदोलन समाप्त कर संत सनातन का मखल बनाए जाने पर रोक लगाया जाना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय संत बौधिक मंच के बिहार प्रदेश के सचिव सह मीडिया प्रभारी, अनमोल कुमार ने इस आशय की जानकारी दी।

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