रिपोर्ट– राजीव कुमार झा!
दुल्लीपट्टी से जयनगर मुख्यालय तक वंदे मातरम रैली, जवानों का शानदार सहयोग
कमांडेंट बोले- वंदे मातरम भारत की आत्मा, जयनगर में उमड़ा जनसैलाब
एसएसबी जवानों की रैली ने जगाया राष्ट्रप्रेम, सांस्कृतिक धमाल, भारत माता के नारे
मधुबनी आगामी गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर वंदे मातरम की पावन भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 48 वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल के द्वारा मधुबनी जिले के जयनगर में शनिवार को वंदे मातरम साइकिल एवं बाइक रैली का धूमधाम से आयोजन किया गया हैं। समवाय न्यू लोकेशन दुल्लीपट्टी एनएच 105 से शुरू होकर यह रैली शहीद चौक होते हुए जयनगर मार्केट और हाईवे मार्ग होकर 48वीं वाहिनी के मुख्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुई है। रैली के दौरान ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ जैसे गगनभेदी नारों से पूरा जयनगर राष्ट्रभक्ति के रंग में डूब गया। रैली का शुभारंभ द्वितीय कमांडेंट अधिकारी हरेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर किया। बड़ी संख्या में एसएसबी के जवान, छात्र, युवा और स्थानीय नागरिक, मीडिया कर्मी ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया है। कार्यक्रम को मीडिया कवरेज के लिए विभिन्न प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार भी मौजूद रहे। रैली मार्ग पर यातायात व्यवस्था एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु जिला पुलिस प्रशासन, मधुबनी ने सराहनीय सहयोग प्रदान किया है, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। वंदे मातरम के 150वें वर्षगांठ के अवसर पर समवाय दुल्लीपट्टी में मानव चिकित्सा शिविर एवं पशु चिकित्सा शिविर का भी विशेष आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने लाभ उठाया। रैली के समापन पर 48वीं वाहिनी मुख्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। कार्यक्रम ‘वंदे मातरम’ गीत से प्रारंभ होकर राष्ट्रगान के साथ समाप्त हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पंजाबी एसएसबी के वीर जवानों ने भांगड़ा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी और एसएसबी जवान अनूप ने देशभक्ति गीत पर डांस कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। मिल्खा अकादमी की छात्रा बालिका ने देशभक्ति कविता का भावपूर्ण पाठ किया, जिससे उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट, 48वीं वाहिनी के गोविंद सिंह भंडारी ने कहा, “वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। ऐसे आयोजन युवाओं एवं आम नागरिकों में राष्ट्रप्रेम, एकता एवं अनुशासन की भावना को मजबूत करते हैं।” उन्होंने सभी प्रतिभागियों को राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए बधाई दी है। यह आयोजन न केवल जयनगर वासियों में देशभक्ति की लहर पैदा करने में सफल रहा, बल्कि सामुदायिक एकता को भी मजबूत किया। तो वहीं, एसएसबी की इस पहल से सीमा क्षेत्रों की जनता ने काफी सराहना की है और साथ ही क्षेत्रवासियों ने इसे भविष्य में ऐसे ही कार्यक्रम को दोहराने की मांग भी रखी।




