पंकज कुमार जहानाबाद।
जहानाबाद में इन दिनों मानसूनी बारिश का कहर देखने को मिल रहा है। जिले से बहने वाली फल्गु बलदईया मोरहर दरधा आदि नदी उफान पर है नदी के निचली इलाके में बसे लोग अपने-अपने घर से बाहर निकाल कर बाहर जा रहे हैं कई घरों में पानी घुस गया है जबकि दो जगह पर फल्गु नदी के पानी से तटबंध भी टूट गई है नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ऐसी ही एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है गया जिले के शकुराबाद इलाके से, जहां मोरहर नदी में पानी का बहाव इतना तेज हो गया है कि वह शकुराबाद पुल के ऊपर से बहने लगा है। इस पुल से रोजाना सैकड़ों ग्रामीण, किसान और वाहन पार करते हैं, लेकिन अब यह पुल खुद खतरे की जद में है।मानसून के दौरान मोरहर नदी में पानी का बढ़ना आम बात है, लेकिन इस बार स्थिति कुछ ज्यादा ही गंभीर हो चुकी है। शकुराबाद बस स्टैंड के समीप स्थित इस पुल के ऊपर से एक फीट से अधिक पानी का बहाव हो रहा है। इस बहाव के बीच ग्रामीण जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं, जिससे एक बड़े हादसे की संभावना लगातार बनी हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को कई बार इस बारे में सूचित किया है, लेकिन कोई ठोस कदम अब तक नहीं उठाया गया है। न तो पुल को अस्थायी रूप से बंद किया गया है, और न ही लोगों को वैकल्पिक मार्ग सुझाया गया है। इसके अलावा, नदी के किनारे बसे लोगों को भी समय रहते नहीं हटाया गया है। इसी तरह से फल्गु नदी का पानी बंधुगंज के समीप छिल्का पर चढ़ गया है जिससे जहानाबाद का नालंदा से संपर्क टूट गया है। दरधा नदी का पानी बढ़ जाने के कारण जिला मुख्यालय के श्याम नगर के पास बना पुल एवं जाफरगंज के पास बना पुल पर पानी चढ़ जाने के कारण आवागमन बंद हो गया है
जब भी प्राकृतिक आपदा या मौसम की मार आती है, प्रशासन की जिम्मेदारी होती है कि वह समय रहते उचित व्यवस्था करे। परंतु शकुराबाद के इस मामले में प्रशासन की लापरवाही साफ नजर आ रही है। न कोई चेतावनी जारी की गई, न किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई और न ही पुल पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वह रोजमर्रा के काम के लिए इसी पुल पर निर्भर हैं। खेती, बाजार जाना, बच्चों का स्कूल, सब इसी रास्ते से होता है। लेकिन अब हर बार पुल पार करना मौत से खेलने जैसा हो गया है। कई लोगों के दोपहिया वाहन पानी के तेज बहाव में फिसलते भी देखे गए हैं।वल्दैया नदी के सूल्सगेट के टूटने से नई परेशानी
मोरहर नदी के साथ-साथ वल्दैया नदी भी किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। नोआमा में स्थित सूल्सगेट के टूट जाने के कारण नदी का पानी बिना किसी रोक-टोक के बह रहा है। इससे आसपास के खेतों में जलभराव की स्थिति बन रही है, लेकिन विडंबना यह है कि किसानों को इसका कोई फायदा नहीं मिल रहा।
एक तरफ किसान बाढ़ के खतरे से चिंतित हैं, दूसरी ओर कुछ किसान इस जलभराव को सिंचाई के रूप में उपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि जल्द से जल्द सूल्सगेट को मरम्मत किया जाए ताकि पानी को नियंत्रित रूप से खेतों में भेजा जा सके।शकुराबाद पुल पर बहते मोरहर नदी का पानी केवल एक स्थानीय संकट नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे छोटी लापरवाहियां बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। जब प्रशासन समय रहते सक्रिय नहीं होता, तब आमजन की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। विभिन्न नदियों में जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है नदी के किनारे के गांव के लोग काफी भयभीत हैं सभी लोग ऊंचे स्थानों पर जाने को मजबूर हैं जिला मुख्यालय के जाफरगंज मोहल्ला के लोग अपने-अपने घरों को खाली कर ऊंचे स्थान पर सदन लेने को मजबूर हैं




