आदि शंकराचार्य के पदचिह्नों की खोज में सहरसा पहुंचे स्वामी शंकर भारती!

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संवाददाता :- विकास कुमार!

खबर सहरसा से है, जहां आदि शंकराचार्य के पदचिह्नों की खोज और भारत की सांस्कृतिक एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से निकली विशेष यात्रा के तहत स्वामी शंकर भारती महास्वामी पहुंचे। उन्होंने बताया कि कन्याकुमारी से प्रारंभ हुई यह यात्रा अब तक देश के कई राज्यों का भ्रमण कर चुकी है और इसके माध्यम से आदि शंकराचार्य से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों, प्राचीन मठों तथा महत्वपूर्ण दस्तावेजों का अध्ययन और संकलन किया जा रहा है। सहरसा प्रवास के दौरान यात्रा दल महिषी स्थित मंडन धाम भी पहुंचा, जहां मान्यता है कि आदि शंकराचार्य और महान विद्वान मंडन मिश्र के बीच ऐतिहासिक शास्त्रार्थ हुआ था। स्वामी शंकर भारती ने कहा कि यह अभियान केवल इतिहास और आध्यात्मिक धरोहर की खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के संदेश से जोड़ने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और आध्यात्मिक परंपराओं को संरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। इस यात्रा के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों को अपनी जड़ों, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। स्वामी जी ने लोगों से अपनी धरोहर को जानने, उसे संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

BYTE :- स्वामी शंकर भारती

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