रिपोर्ट- सुमित कुमार!
बड़ी खबर आ रही है बिहार के मुंगेर जिले से, जहाँ कंबल वाले बाबा के दरबार में भारी भीड़ और अव्यवस्था के कारण हंगामे जैसे हालात बन गए। दरबार को बीच में रोकना पड़ा और सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं ।
कंबल वाले बाबा का दरबार भीड़ के कारण बीच में रोका गया , व्यवस्था पर उठे सवाल, कई नेता केंद्रीय मंत्री सहित कई दिग्गज पहुंचने वाले हैं यहां ,व्यवस्था कंट्रोल नहीं कर पा रही कमेटी, उठ रहे कई सवाल
-मुंगेर जिले के प्रशंडो गांव में चल रहे श्री श्री 1008 रूद्र चंडी महायज्ञ में कंबल वाले बाबा पहुंचे। वे 4 मई से 6 मई 2025 तक यहीं रहेंगे। रविवार सुबह 10 बजे उनका चमत्कारी दरबार लगा। बाबा की दिव्य शक्ति और लोकप्रियता को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बाबा अपने वरदान से मिले चमत्कारी कंबल से मरीजों का इलाज कर रहे थे। कई रोगी चुटकी में ठीक हो रहे थे।दरबार शुरू होते ही चारों ओर से भीड़ उमड़ पड़ी। आयोजन समिति भीड़ को नियंत्रित नहीं कर सकी। वॉलिंटियर्स व्यवस्था संभाल नहीं पाए। भीड़ इतनी बढ़ गई कि बाबा को दरबार बीच में रोकना पड़ा। लोग लगातार वीडियो बना रहे थे। पत्रकारों को भी वीडियो बनाने से रोका गया। बाद में बाबा ने पत्रकारों से बात की।कुछ देर बाद माइकिंग के जरिए लोगों को समझाया गया। फिर से दरबार शुरू हुआ। बाबा 4, 5 और 6 मई को दिव्य दरबार में चमत्कार दिखाएंगे। दरबार में पैरालिसिस, गठिया, जोड़ों का दर्द, बहरेपन जैसे रोगों से पीड़ित लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।भीड़ और अव्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आयोजन समिति व्यवस्था नहीं संभाल पा रही। कार्यक्रम बार-बार रोकना पड़ रहा है। प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, सांसद मनोज तिवारी और उपमुख्यमंत्री सहित कई बड़े नेता यहां पहुंचने वाले हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कंबल वाले बाबा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उनका असली नाम गणेश गुर्जर है। वे गुजरात के निवासी हैं। चार साल की उम्र में देवी के आशीर्वाद से उन्हें यह कंबल मिला। तभी से वे कंबल वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध हो गए। उन्होंने कहा कि जहां विज्ञान खत्म होता है, वहां से अध्यात्म शुरू होता है। यह दरबार उसी अध्यात्म की देन है। बाबा ने बताया कि वे यादव समाज से आते हैं। बचपन से ही यह सब देख रहे हैं। दरबार में जय घोष के साथ इलाज शुरू हुआ। दरबार में लकवा, पोलियो और अन्य बीमारियों से पीड़ित अपाहिज लोगों का इलाज किया गया। बाबा ने उन्हें कंबल ओढ़ाकर इलाज किया। उनका दावा है कि इस कंबल से लोग ठीक हो जाते हैं।
बाइट-कंबल वाले बाबा




