:- रवि शंकर अमित!
समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में आज जिलाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, उद्यान, मत्स्य, पशुपालन, सिंचाई एवं विद्युत विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने रबी वर्ष 2025-26 हेतु उर्वरकों एवं बीजों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। समीक्षा में बताया गया कि जिले में यूरिया के 24,000 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 11,089.686 मीट्रिक टन तथा डीएपी के 13,000 मीट्रिक टन लक्ष्य के विरुद्ध 9,161.923 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। गरमा मूँग बीज वितरण में 95.26 प्रतिशत तथा संकर मक्का बीज वितरण में 92.97 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है।
जिलाधिकारी ने उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने हेतु सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। बताया गया कि जिले में अब तक 138 छापेमारी की गई है तथा अनियमितता पाए जाने पर 4 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि जिले में 99.61 प्रतिशत किसानों का e-KYC कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष 439 लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया। वहीं मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 10,110 मिट्टी नमूनों की जांच का लक्ष्य पूर्ण कर लिया गया है तथा सभी किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं।
कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत जिले में 2,573 कृषि यंत्रों के लिए परमिट निर्गत किए गए हैं, जिनमें से 1,420 लाभुकों को अनुदान का लाभ प्रदान किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाए।
लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार का कार्य प्रगति पर है। वर्तमान में 353 राजकीय नलकूपों में से 231 चालू अवस्था में हैं। विद्युत विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि कृषि फीडरों में किसानों को औसतन 16 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
उद्यान विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया गया कि जिले के भगवानपुर, छौड़ाही, चेरियाबरियारपुर एवं बरौनी प्रखंडों में लगभग 76.48 हेक्टेयर क्षेत्र में मखाना खेती का आकलन किया गया है, जिससे 115 किसान जुड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु जिले के 8 प्रखंडों में 15 क्लस्टर चयनित किए गए हैं, जिनसे 1,875 किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि विभाग द्वारा 5,38,000 पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य शत-प्रतिशत प्राप्त कर लिया गया है। वहीं मत्स्य विभाग द्वारा मुख्यमंत्री तालाब मात्स्यिकी विकास योजना सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत मत्स्य पालकों को आवश्यक किट एवं वाहन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों एवं लाभुकों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुँचाना सुनिश्चित करें।



